ग़ज़ल

प्यासे को' देख आब पिलाते हुए चलो। भूखा को'ई मिले तो' खिलाते हुए चलो। देखो कहीं अकेले' न रह जाओ' भीड़ में। अपने कदम, सभी से' मिलाते हुए चलो। कुछ जिन्दगी में' यार…

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कर लेती है खुद से ही बेवफाई तभी तो वो तेरी कहलायी

कर लेती है खुद से ही बेवफाई तभी तो वो तेरी कहलायी किसी की माँ किसी की बेटी किसी की पत्नी किसी की प्रेमिका बन पायी कर लेती है खुद से ही बेवफाई…

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सफ़र ग़जल का।

ग़जल फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन साथ में तुम मुस्कुराना सीख लो। गीत कोई भी गुनगुनाना सीख लो। रूठ जाए जो कभी ये जिंदगी, जिंदगी को तुम मनाना सीख लो। चाहते पाना किसी को तुम…

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जन्मदिन के अवसर पर ग़जल।

कोई है होठों तक, बे-पर्दों में आया। रातें भी पहचानें, जो ख्वाबों में आया। बेला सा महके हैं, सारा तन-मन उसका, धीरे-धीरे चुपके, जो साँसों में आया। यादें आती हैं उस, मोती के…

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ज़रा सी बेवफ़ाई

ज़रा सी बेवफ़ाई करना जरूरी था ख़ुद में उलझती साँसों का सुलझना जरूरी था कब तक रोक कर रखते इस सैलाब को अश्क़ के पैमाने का छलकना जरूरी था बहुत तबाही मच चुकी…

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फूलों से सीखो

फूलों से जरा सीखो अदा यूँ मुस्कुराने की कांटों से भी घिर के अपना दामन बचाने की। खिलते ही बिखर जाना बदा इनके नसीब में फितरत है इनकी फिर भी खिलते ही जानेकी।…

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ग़ज़ल

जब मोहब्बत से भरे ख़त देखना भूल कर भी मत अदावत देखना साँस लेते लेते दम घुटने लगे इस क़दर भी क्या अज़ीयत देखना मसअला दुनिया का छेड़ो बाद में पहले अपने घर…

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