सारी उम्र गवां दी

किस पर ऐतबार करें यहाँ किसको अपना माने हम
हर तरफ़ झूठ का कारोबार है फ़रेबी भरे पड़े हैं ज़माने में ..

इंतजार सिर्फ तुम्हारा

शायदतेरे इंतज़ार लायक हो चुका हूँइसीलिए उसी मोड़ पर वापिस लौट आया हूँ।।