हिसाब आँखों से दिखाना पडा़

लिख लिख कर हिसाब आँखों से दिखाना पडा़। कमबख्त ना चाह कर भी दुष्मनी निभाना पड़ा। लब्ज तीर से निकले …

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा गुरबत में हों अगर हम, रहता है …