मुस्कुरा कर मुझे ना निहारा करो

मुस्कुरा कर मुझे ना निहारा करोगीत कैसा पढूँ कुछ ईशारा करोअभी तो निशा का प्रथम दौर हैचाँद तारे गगन में ना आये हुयेफूल हसते रहे दिन में जो डाल परदेखता हूँ सभी सिर…

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मैं प्रतीक्षा तुम्हारी करूँ आज तक

मैं प्रतीक्षा तुम्हारी करूँ आज तक रात्रि से प्रात तक प्रात से साँझ तक बाबरे  ये  नयन  तांकते  हर  दिशा नित्य की भाँति क्या आओगी इस निशा मन में अकुलाहटें प्राण व्याकुल व्यथित…

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चलते चलते

चलते चलते का हालचाल पूछते चलें, सियासत कैसी चल रही है पूछते चलें | कल मजमा है बढ़ चढ़कर बहसें होंगी, कुछ एजंडा कुछ ख़्यालात पूछते चलें | कितनी दूर का खेला दाव…

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अँधेरी रात में पहने हुए गहने से डरते हैं

अँधेरी रात में पहने हुए गहने से डरते हैं शहर के लोग तो शहरों में भी रहने से डरते हैं नई तहज़ीब के लोगो, मैं झूठों से नहीं डरता मैं उन सच्चों से…

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मातृभूमि की लिये युद्ध होते आये हैं,होते रहेंगे

मातृभूमि की लिये युद्ध होते आये हैं,होते रहेंगे देश पर मर मिटने वाले,...दिलों में जीवित रहेंगे । अमर हो जाना ,हर किसी के वश की बात नहीं प्राणों की आहुति देने वाले, सदा…

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हम उम्र में तुमसे बड़े हैं भाई

हम उम्र में तुमसे बड़े हैं भाई तुम बैठे हो हम खड़े हैं भाई ये कौनसी शिक्षा की हाँसिल तुमने कुछ कुछ हम भी पढ़े हैं भाई अंग्रेजी बोलकर क्या जताना चाहते कुछ…

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नये साल में

आओ मिलकर गले इस नये साल में भूल  जायें  गिले  इस नये  साल में। घर न कोई जले इस नये साल में फूल हर सू खिले इस नये साल में। देशवासी सभी चाहते…

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छम-छम पायल बाज

तेरी छम-छम पायल बाजे जाङे के मौसम में, थर-थरते होंठ बुलाए जाङे के मौसम में। तू आए तो मस्त हवाएं गाए तू जाए तो दिल मेरा घबराए, तेरे आने-जाने से मुझे तङपाने से,…

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उधार ली हुई ईंटों से

उधार ली हुई ईंटों से मैं कैसा महल बनाऊंगा, मुस्कानों का कर्जा लेकर मैं कैसे मुस्कराऊंगा।   कैसे होंगे गीत ग़ज़ल और कैसी होंगी कविताएं, मांगे छीने कागज़ पर मैं कैसे कलम चलाऊंगा।…

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किसने किया श्रृंगार

किसने किया श्रृंगार प्रकृति का, अरे, कोई तो बतलाओ ! डाल-डाल पर फूल खिले हैं ठण्डी सिहरन देती वात पात गा रहे गीत व कविता कितने सुहाने दिनऔर रात मादकता मौसम में कैसी…

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हिसाब आँखों से दिखाना पडा़

लिख लिख कर हिसाब आँखों से दिखाना पडा़। कमबख्त ना चाह कर भी दुष्मनी निभाना पड़ा। लब्ज तीर से निकले थे दिल को भेदने के लिऐ जमाने के लिऐ हमे हर लब्ज सजाना…

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