ग़ज़ल

दोस्तों आदाब, नमस्कार एक बिल्कुल ताज़ा ग़जल आपकी मोहब्बतों के हवाले शराफ़त में अदावत भी मिलाना! इनायत में मुसीबत भी मिलाना! मोहब्बत की हिफाज़त करनी है तो! ज़रा लहज़े में नफ़रत भी मिलाना!…

Continue Reading

जिन्दगी

ये किस मोड़ पे जिंदगी ने खड़ा कर दिया बाली उम्र में हमे तज़ुर्बे से बड़ा कर दिया उम्र अठखेलियों की न जाने कब बीत गई नरम हाथों को सलाखों सा कड़ा कर…

Continue Reading

कुदरती रज़ा

यादों को जिंदा रखने को मिलते रहो साथी धुंधली तस्वीरों में सूरते नज़र में नहीं आती जो रूकावटे ना हों बीच में धारा नहीं मचले पथरीली राहें तो मिलनी हैं कैसे कोई बच…

Continue Reading

ग़ज़ल

फ़ोन पर ज़ाहिर फ़साने हो गए ख़त पढ़े कितने ज़माने हो गए ऐब इक पाला फ़क़त हमने मियां चार सू अपने ठिकाने हो गए बेटियां कोठों की ज़ीनत बन गईं किस क़दर ऊँचे…

Continue Reading

मां की ममता . . .

  है स्नेह अगाध से भरा हृदय गजब है सहने की क्षमता एक ओर दुनिया सारी एक ओर मां की ममता है मां दुनिया में परमेश्वर की कृति सबसे प्यारी सब रिश्तों में…

Continue Reading

कहाँ गया सच्चा प्रतिरोध

नवगीत (कहाँ गया सच्चा प्रतिरोध) सुन ओ भारतवासी अबोध, कहाँ गया सच्चा प्रतिरोध? आये दिन करता हड़ताल, ट्रेनें फूँके हो विकराल, धरने दे कर रोके चाल, सड़कों पर लाता भूचाल, करे देश को…

Continue Reading
Close Menu