हिन्दी हमारी जान है

ग़ज़ल (हिन्दी हमारी जान है) बहर 2212  2212 हिन्दी हमारी जान है, ये देश की पहचान है। है मात जिसकी संस्कृत, माँ शारदा का दान है। साखी कबीरा की यही, केशव की न्यारी…

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मैं जब लिखूंगा

✍मैं जब लिखूंगा...✍ मिरी कहानी मिरा किरदार लिखूंगा मैं उजड़े हुए मकां को हवादार लिखूंगा मिरा नसीब हाथों ने छुपा रखा है कहीं जब लिखूंगा इसे चमकदार लिखूंगा वक़्त फिसलता है मिरी मुट्ठी…

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