रूपवती का प्यार

आधा मुँह घूँघट के अंदर, आधे का दीदार हुआ। उसकी इसी अदा पर यारों, हमको तो है प्यार हुआ। आधा चाँद छुपा बदली में, आधा बाहर लगता है। आकर्षण उसके यौवन का, हमें…

Continue Reading

स्वप्न -एक गीत

हे स्वप्न तुम्ही मेरे संसार जीवन के अनुपम उपहार होता प्रतिपल आकुल अन्तर जीवन तो है सत्य भयंकर प्राणों की आहूति दे देकर चाहूं देखूं तुम्हे निरन्तर देख लिया अब सत्य जगत का…

Continue Reading

श्रीकृष्ण की स्तुति

हे चक्र सुदर्शन धारी हे माधव हे बनवारी फिर से धरती पर आओ हे मधुर मुरलिया धारी ! सारा गोकुल व्याकुल है सब बाट जोहते तेरी गलियां गलियां फिरती है पगली सी राधा…

Continue Reading

नारी सबला

०७.०५.२०१६ "नारी के यौवन पर लिखना बन्द करो, अंगार लिखो रे।" "नारी के यौवन पर लिखना बन्द करो, अंगार लिखो रे, लिखते हो तो शोषित जन के कातर हाहाकार लिखो रे, है नारी…

Continue Reading

फजा कोई गीत गुनगुना रही है…

हवाओं से सदाएं आ रही है फजा कोई गीत गुनगुना रही है | २ मोहब्बत की महक सांसो मे जैसे मेरे महबूब की समा रही है ||हवाओं.. दिलों में प्यार की सरगम बजी…

Continue Reading

जवाब हो जाए…

गजल... कॉफिए... किताब, आफताब, शराब, खराब, जनाब, हिसाब, जवाब रदीफ... हो जाए... अपने चेहरे को देर तक न आईने मे रखो कही ऐसा न हो खुली किताब हो जाए ! यूं जुगनूओं का…

Continue Reading
Close Menu