रुक जाओ ना

रुक जाओ ना कि मुझमें अभी सांस बाक़ी है कि तेरा होने की आस बाक़ी है बहुत से ख्वाब हैं अभी जेहन में कि हर ख्वाब संग काश बाक़ी है दिल धड़क रहा…

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जन्मदिन के अवसर पर ग़जल।

कोई है होठों तक, बे-पर्दों में आया। रातें भी पहचानें, जो ख्वाबों में आया। बेला सा महके हैं, सारा तन-मन उसका, धीरे-धीरे चुपके, जो साँसों में आया। यादें आती हैं उस, मोती के…

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इश्क़

ज़मीं पर गिरी बारिश की पहली बूँद सा है वो तन पर मलय की छुअन की पहली सिहरन सा है वो सूखे पहाड़ पर गिरी बर्फ के पहले क़तरे सा है वो साजन…

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ज़रा सी बेवफ़ाई

ज़रा सी बेवफ़ाई करना जरूरी था ख़ुद में उलझती साँसों का सुलझना जरूरी था कब तक रोक कर रखते इस सैलाब को अश्क़ के पैमाने का छलकना जरूरी था बहुत तबाही मच चुकी…

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फूलों से सीखो

फूलों से जरा सीखो अदा यूँ मुस्कुराने की कांटों से भी घिर के अपना दामन बचाने की। खिलते ही बिखर जाना बदा इनके नसीब में फितरत है इनकी फिर भी खिलते ही जानेकी।…

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ग़ज़ल

जब मोहब्बत से भरे ख़त देखना भूल कर भी मत अदावत देखना साँस लेते लेते दम घुटने लगे इस क़दर भी क्या अज़ीयत देखना मसअला दुनिया का छेड़ो बाद में पहले अपने घर…

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पहली नज़र का इश्क

झुकी हुई नज़रों ने बताया, इश्क हमको भी हो गया है । धड़क रहा है दिल कुछ जियादा, सिलसिला मोहब्बत का बन गया है । थोड़ा तकल्लुफ है गुफ्तगू में, पैगाम- ए-उलफ़त अभी…

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श्रावणी अमावस्या

नोट- जब शादी के बाद पहली श्रावणी अमावस्या को एक नववधु का पति परदेश से पहली श्रावणी मावस मनाने भी नहीं आता तो नववधु की मन:व्यथा का गीत: -:गीत:- बादली घणी-घणी बरसी र…

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