यूँ खेलें होली ..

  होली  का उत्सव ज़रूर मनाये ,   ख़ुशी से   मेहरबां !  मगर  पर्यावरण का भी हुजुर! कुछ रखिये  ध्यान . प्राकृतिक रंगों का करें सदा  उपयोग , परस्पर रंग लगाने में. पानी…

Continue Reading

होली

होली के इन पावन रंग से

रंग दे मोहे साँबरिया

डाल प्रीति के रंग अनोखे

रंग दे मोरी चूनरियाँ …..

 

प्रीति रंग है बड़ा सुहाना

इससे रंग दे ताना बाना

इसमें रंग गई मीरा राधा

यह किस्सा जाना पहचाना

ऐसो रंग डारो रे काँन्हा

छूटे न सारी उमरिया ……..

 

श्याम रंग में रंगी चूनरियाँ

जब नरसी ने ओडी

सुधि बुधि सब विसरा के

उसने प्रीति हरी से जोड़ी

देख सलोनी साँबरी सूरत

तन मन होय गओ हरिया …..

 

तेरी प्रीति को रंग श्याम है

श्याम रंग से खेलों होरी

रंग लगाओ गोरे गालन पे

कर ले वो तुम वरजोरी

बाँध प्रीति की रीति अनोखी

कर आलिंगन साँबरिया …..

 

लाल हरे ओर नीले पीले

रंग नही मेरे काम के

मैं तो बस रंगना चाहूँ

रंग अनोखे श्याम के

रंगरेजा ऐसा रंग डारो

रंग जावे श्याम चुनरिया ….

 

होली के इन पावन रंग से

रंग दे मोहे साँबरिया…..

 

राघव दुबे

इटावा (उ०प्र०)

(more…)

Continue Reading

हम जंगल में बहक गये !

चहका -होली गीत हम जंगल में बहक गये ! निमिष-निमिष साँसें सम्मोहित हम जंगल में बहक गये। लेकर पुरवा आयी आमंत्रण फाग सजाया है उर कानन नेह निमंत्रण पा अचपल मन हुआ चपल…

Continue Reading

रंग

माँ मेरे पास आयी और डांटने लगी यह क्या अभी तुम ऐसे ही बैठी हो आज तुम्हारी रिंग सेहरामनी और संगीत है उठो तैयार हो जाओ। चारो ओर खुशी का माहौल था कल…

Continue Reading

धरा पर नव वसंत आया

फाल्गुन ने रंग जमाया, धरा पर नव वसंत आया| शिशिर के सिहरन का हुवा अंत, सिंहासन पर आ बैठा बसन्त; लता ने पाया तरु सा कन्त; फैला कर दिगंत पर्यंत, किसने यह बहुरंगा…

Continue Reading

होली

होली कहने को तो होली है त्योहार मात्र पर है इसमें अपनेपन की छाया रंगों की धूम इसी में है भरमार इसी में पकवानों की न कोई बूढा न कोई बच्चा है न…

Continue Reading

होली

रंग उड़े गुलाल उड़े प्रिय तुम्हारा प्यार उड़े मुरली की मधुर तान उड़े उड़ जाए मेरी चुन्दरिया पवन बिखरे रंग रंगीले मौसम में अजब बहार उठे रघुनाथ की सीता नाचे कृष्ण की राधा…

Continue Reading

होली का रंग

होली का रंग लाया उमंग , कहता है यारा चल मेरे संग। बँटती है भंग, बढ़ती हुड़दंग, गुलाल भरता अंगों पर रंग । गोपियाँ करती, ग्वालों को तंग, प्रेम में रंगता मन का…

Continue Reading
Close Menu