सरस्वती का नाम नंदा क्यों पड़ा ?

बहुत पहले की बात है पृथ्वी पर एक प्रभंजन नाम के महाबली राजा थे। एक दिन वह वन में मृगो का शिकार कर रहे थे। उन्होंने देख एक झाड़ी के पीछे एक हिरणी…

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संकल्प लिया है मैंने

नम्र स्वभाव, अच्छा बर्ताव सदा रखूंगी संजोकर पास दुष्ट से जो पड़े पाला, छीन ले मेरा निवाला दूंगी उसे संत्रास फटके न आसपास संकल्प लिया है मैंने अपनों में मिलके रहना बच्चों से…

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हिम

नभ से गिर रही शीत में हिम रुई के फाहे जैसी। हवा है मानों ठिठक देखती यह अभ्र की माया कैसी।। ऐसा लगता ' ख' में कोई खिली हुई पंखुड़ी कपास है। चिंदी-चिंदी…

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नया वर्ष

नया साल फिर एक नया संघर्ष इस बार ये न जाने क्या ले कर आएगा। खुशियाँ बेहिसाब या दर्द आपार देगा या संतुलित सा जीवन हमे उपहार देगा। जो भी देगा जितना भी…

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एक पल की दुल्हन

उस दिन गाँव में बहुत चहल पहल थी। छोटी सी आदिवासी गाँव। चारों ओर लम्बी लम्बी सखुआ के विशाल पेड़ और महुवा वृक्षों से घिरा प्रकृति की गोद में बसा यह गाँव रसोइया…

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धर्म के वो कातिल थे

अपने वतन को जिसने किया था गुलाम, धर्म के वो कातिल थे। लहर गुलामी की थी चारों तरफ, नहीं साहिल थे। शहीद होकर आजादी को, कर गए हासिल थे। हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, हर मजहब के…

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हेनन और मैं

इस गाँव की कोई यादें नहीं है। यादें नहीं हैं क्योंकि बाशिंदे नहीं हैं। बाशिंदे नहीं हैं, इसीलिये यादें भी नहीं हैं। फ़लसफ़ा नहीं है, मोजज़ा नहीं है, तकल्लुफ़ नहीं है, हया नहीं…

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सुधार गृह

पकड़ो, पकड़ो भागने ना पाये। कि आवाज में सात से उन्नीस साल के बच्चों का समूह तितर-बितर हो गई। सारे झुग्गी के लड़के जुआ खेल रहे थे। पुलिस की गाड़ी और हवलदार की…

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ऐटिट्यूड वाली लड़की

मैं जब कॉलेज से घर के लिए लौट रहा था। साउथ सियालदह का नामखाना के बाद का स्टॉपेज पड़ता है उकिलेरहाट। उकिलेरहाट से मेरे कॉलेज की दूरी तकरीबन ४ किलोमीटर होगी। उकिलेरहाट से…

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ट्रेन का सफर मदुरै से दिल्ली

नंदिनी सेन :- हुस्न से सजी जवानी से सजी एक साहित्यकार की एक लौती बेटी मुझे लोग प्यार से नंदिनी पुकारते है ॥ कैलाशी :- एक गरीब नाई शरीफ खान दान से हूँ…

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वो आँखे

सरपट भागती ट्रैन के साथ और हर बदलते नजारे के साथ बदल जाते है उसके चेहरे की भावनाएं,उसकी वो हँसी, वो नजाकत भरी नजरें पल पल बदलते नजारे के साथ बदलती उसकी हर…

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जॉनी – रॉनी पकौड़ा सेंटर

एक दिन जॉनी और रॉनी ने फैसला किया कि वे अपना खुद का बिज़नस शुरु करेंगे | आख़िर इतने सालों से बेरोजगार थे वे | नौकरी तो मिलने से रही | वैसे भी…

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