ट्रेन का सफर मदुरै से दिल्ली

नंदिनी सेन :- हुस्न से सजी जवानी से सजी एक साहित्यकार की एक लौती बेटी मुझे लोग प्यार से नंदिनी पुकारते है ॥ कैलाशी :- एक गरीब नाई शरीफ खान दान से हूँ…

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वो आँखे

सरपट भागती ट्रैन के साथ और हर बदलते नजारे के साथ बदल जाते है उसके चेहरे की भावनाएं,उसकी वो हँसी, वो नजाकत भरी नजरें पल पल बदलते नजारे के साथ बदलती उसकी हर…

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जॉनी – रॉनी पकौड़ा सेंटर

एक दिन जॉनी और रॉनी ने फैसला किया कि वे अपना खुद का बिज़नस शुरु करेंगे | आख़िर इतने सालों से बेरोजगार थे वे | नौकरी तो मिलने से रही | वैसे भी…

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एक पल्लवी

परतापुर का चौराहा, यहां अनेक मिष्ठान की दुकानें ,और शुद्ध खोये की दुकान, बीच चौराहे पर एक विशाल पीपल का वृक्ष, जिसके तने से मोटी उसकी शाखाएं थी, और तने पर गुंथा हुआ…

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जीना सिखा दिया

मुझे जीना सिखा दिया..... ये एक कहानी है जो कि किसी के नाम या जीवन से जुडती है तो मात्र एक संयोग होगा। भले ही शिव पूर्णतयः समर्पित नहीं था पर लगाव जरुर…

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फिर एक पलायन (पहाड़ी कहानी )

जिस माता-पिता ने पहाड़ों में रहकर पहाड़ों से भी ज्यादा हौसला वह कठोर परिश्रम करके अपने बच्चे को आज इस काबिल बनाया था कि वहां शहर में जाकर एक अच्छी जॉब कर रहा…

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पहाड़ी कहानी ( बिनु हसिया बल्द)

गांव में खेतों सै फसल कट चुकी थी अब कार्य था दुबारा नई फसल उगाने के लिए बैलों द्वारा हल जोतने का , नई फसल उगाने के लिए हर बार की तरह बैलौ…

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