समय की पृष्ठभूमि पे

तेरी मेरी दोस्ती कायनात के रंग समुन्दर की लहरें यह किनारा, पहाड़ी और पेड़ ठंडी ठंडी सरसराती हवा एक बच्चों का खेल एक बड़ों का खेल समुन्दर किनारे कुछ लोग खड़े, कुछ बैठे,…

Continue Reading समय की पृष्ठभूमि पे

व्यथा जीवन की

एक तन है एक मन है एक आत्मा है तीनों में बंधन है कुछ पलों के तो सम्बन्ध विच्छेद है एक लंबे समय के लिए एक बार बिछड़कर यह फिर कभी नहीं मिलते…

Continue Reading व्यथा जीवन की

न सागर न आसमान

आसमानी वस्त्र शरीर पर धारण कर न तो मैं सागर बन पा रही हूं और न ही आसमान समुन्दर किनारे बैठी हूं उसकी रेत में सिर गढ़ाये उसके जल में देख रही हूं…

Continue Reading न सागर न आसमान

प्यार के मौसम

हरियाली की चितवन और आसमानी चिलमन दूर दूर होकर भी पास हैं एक हैं यह दूर से जीते हैं एक दूसरे को तकते हुए कभी अपनी जगह नहीं बदलते जहां खड़े हैं वहां…

Continue Reading प्यार के मौसम

जीवन का सागर

तुम मेरा हाथ थामो और मैं थामती हूं तुम्हारा एक दूसरे का हौसला बढ़ाते एक दूसरे को सांत्वना देते एक दूसरे को निश्छल भाव से प्रेम करते एक दूसरे के मन को समझते…

Continue Reading जीवन का सागर

मैं कली से बना एक फूल

मैं कली से बना एक फूल अपना मुख देखूं दर्पण में तो भौरे की गुंजन का सुनु गीत कल कल नदी बह रही सर सर हवा चल रही ठंडी है गर्म भी एक…

Continue Reading मैं कली से बना एक फूल

दुखिया का दुख

. बस्ती का दुखिया दिहाड़ीदार मजदूर है, आर्थिक तौर पर वो लाचार मजबूर है, उसकी पत्नी जो सालों से बीमार है, ऊपर से रूढ़िवादी रिवाजों की मार है, उसके घर उसकी एक बेटी…

Continue Reading दुखिया का दुख

हाय रे मजदूर जीवन ( कविता)

हाय रे मजदूर जीवन ,तेरी यही कहानी , भूखा प्यासा तन और आँखों में है पानी । विकास का पहिया चले देश का तेरे दम पर , इस भाग्य विधाता की किसी क्द्र…

Continue Reading हाय रे मजदूर जीवन ( कविता)

घर छोड़ आये

वो घर,वो मकान और वो गांव छोड आये शहर की चमक में वो चाँद छोड आये निकल आये दूर सिक्के कमाने की चाहत में और ऊगता हुआ सोना खेत मे ही छोड आये

Continue Reading घर छोड़ आये

एक मजदूर हूँ

मे एक गरीब मजदूर हूँ, मे भी तो इंसान हूँ भूखा हूँ प्यासा हूँ मे बेसहारा हूँ ग़मो का मरा हूँ मे किसी का बेटा हूँ किसी का बाप हूँ मे किसी का…

Continue Reading एक मजदूर हूँ

कोरोना से जीतेंगे:कुमार किशन कीर्ति

घर में रहकर स्वच्छता को अपनाकर,सामाजिक दूरी का पालन करेंगे हा,हम कोरोना से जीतेंगेअफवाहों से बचकर कोरोना फाइटर्स की सलाह मानकर,समाज और देश को सुरक्षित करेंगे जी हाँ, हम कोरोना से जीतेंगेहम तब…

Continue Reading कोरोना से जीतेंगे:कुमार किशन कीर्ति

जमीन से स्वर्ग तक की यात्रा

बोगनवेलिया के बैंगनी फूल और हरे कांटों के झाड़ नीला आसमान नीली नदी नीले पहाड़ और नीला यह जहां आज इस सुनहरी धरती पर प्रकृति की छटा कर रही जमीन से स्वर्ग तक…

Continue Reading जमीन से स्वर्ग तक की यात्रा

जीवन के आखिरी चरण में

कोमल बिस्तर कोमल ख्वाब कोमल मन कोमल साथ जीवन के यह शुरुआती कोमल पल जीवन भर या जीवन के आखिरी चरण में क्या मिल पायेंगे सकल। मीनल

Continue Reading जीवन के आखिरी चरण में

क्या वह मुझे

मेरा बच्चा और मैं एक ही सिक्के के दो पहलू जैसे हैं मेरा बेटा मेरे आकार और प्रकार का एक छोटा रूप है हमारे नाम अलग हैं लेकिन हम एक ही हैं हमारा…

Continue Reading क्या वह मुझे