आदमी

छटपटाकर भी नहीं कुछ कर सकेगा आदमी मानसिकता के बदलते इस कठिन परिवेश में पल भर भी जीने की तमन्ना खो चुका है आदमी प्राण की बाजी लगाकर सुख और धन की चाह…

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मत्तगयन्द ( मालती )सवैया

  देख गरीब मजाक करो नहि, हाल बनो किस कारण जानो । मानुष  दौलत  पास   कितेकहु, दौलत  देख  नही  इतरानो । ये  तन  मानुष को मिलयो,बस एक यही अब धर्म निभानो ।…

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गधा चला व्यापार करने

गधा बेचारा सामान को ढोकर थककर बहुत , एक दिन बोला इस हम्माली से मुक्त होना है अब तो बस व्यापार करना है कही अपने दोस्त से मन की बात दोस्त बोला न…

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बारात 

भाई यह क्या हुआ दस लाख का एक हुआ! बात हुई थी जब बीस लाख की आधे खर्च करोगे कहा था अब आप सिर्फ एक लाख कह रहे हो अपने वादे से मुकर…

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हे भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु

ऐ मेरे देश' के प्यारे किशोरों जब से होते हैं तेरे मस्ती के दिन शुरू उस उम्र में शहीद हो गए थे अपने भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु जो फरवरी और मार्च रंगों…

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माँ

  माँ मेरी ममता की मूरत गोरी गोरी है जिसकी सूरत बड़े परिवार की थी वो बेटी पर भट्टी पर बहुत रोटियां सेकीं पढ़ना लिखना था पसन्द उनको नर्स बनूँगी सोचा करती थी…

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अचानक नहीं हुआ है

मैं सर्द रातों की ख़ामोशी सुनने लगा हूँ । ऐसा अचानक नहीं हुआ एक शोर में छुपे सन्नाटे ने मुझे सुन लिया था । मैं भीड़ से तन्हाई चुनने लगा हु । ऐसा…

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तलाश

बारिश मे भीगी हुई वो आज भी याद आती है। उस मिट्टी कि तलाश है जो हर आगन मेहकाती है। आकाश कि चादर ओढे़ वो चांदनी वादे है निभाती। उसकी ही तो तलाश…

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वतन पर मर मिटेंगे

वतन पर मर मिटेंगे हम कसम यह आज खाते हैं लगा कर जान की बाजी तिरंगा हम उठाते हैं   बढ़ाया हर कदम हमने सदा ही साथ में उनके मगर वो पीठ पर…

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‘अनुभव’तुझको राह दिखाए

राह भले ही नामुमकिन हो अपना पाँव बढ़ाना होगा बिन घबड़ाए,धरकर धीरज आगे तो जाना होगा।   'अनुभव'तुझको राह दिखाए हर पल धीरज तुझे बँधाए सोंच-समझकर थामकर अँगुली मंज़िल तक तुझको ले जाए।…

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मेरी कविता

मेरी कविता कभी मेरे जीवन की पीड़ा को चुपके-से आकर पी जाती है और, कभी वह मेरी जड़ता को झिंझोड़कर सुरीली तान भी सुना जाती है उसका आना कभी यों होता है, ज्यों…

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शराब-ए-मोहब्बत

हर मयख़ानें में भटका हूँ कोई चढती नहीं शराब आँखों से पिलाई है तुने उतरती नहीं शराब। ना बहकी-बहकी बातें है तन की ताल नशीली मन में है चढी ख़ुमारी कोई देती नहीं…

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धोखा

मुझे आज भी तुम्हारा धोखा याद है। प्यार से मेरा विश्वास जीत उस विश्वास को तोड़ना याद है। तुम्हारे हर वादे ज्यो- ज्यो याद आते है। मेरे आँखों में आँसू भर जाते है।…

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बेटी

बेटी या संसार को, है जीवन आधार बिन बेटी के सून है ,घर आँगन परिवार घर आँगन परिवार, लगे सब खाली खाली देवी को अवतार,वो दुर्गा लक्षमी काली त्याग प्रेम की है मूरत,अरु…

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भ्रमर प्यासा है उस फूल का

भ्रमर प्यासा है उस फूल का, जो दिखलाई देता है बस भूल का। और महकाता है वो उपवन, जो उपहार देता है धूल का।। मन में नयी उमंगे लिए, प्रेम भरी तरंगे लिए।…

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