जीने की तमन्ना

अब जीने की एक ही तमन्ना है तिरंगा मेरा कफन हो जान चाहे जहाँ निकले मेरी लाश भारत में ही दफन हो हर धर्म के लोग रहें यहाँ आपसी मेल और मोहब्बत से…

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सुबह वाला चाँद…

वही गगन है वही पवन है मगर ये कौन है जो है उदास हैरान परेशान…… क्या मैं देख रही हूँ मेरा सुबह वाला चाँद मैंने पूछा चाँद दिन में तुम यहाँ क्या करते…

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बिस्तर ताले में बन्द हो गया

छोटा बेटा था मैं हाँ सबसे छोटा जिसके बालों की चाँदी को अनदेखा करके किसी ने बच्चा बनाए रखा था जिससे लाड़ था प्यार था दुलार था कि आदत जिसकी हो गई खराब…

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नाम पूछते हैं

वो कत्ल करने से पहले मेरा नाम पूछते हैं नाम में छुपी हुई कोई पहचान पूछते हैं। शायद यूँ करके ही ये दुनिया कायम है जलाकर घर मेरा वो मेरे अरमान पूछते हैं।…

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आईना मगर सब कहता है

कर जो-जो तू चाहता है कि मुक्कमल जहाँ में तू रहता है। हसरतें तेरी आसमानी हैं कि सब कुछ तू, तू ही चाहता है। जमीं आसमां एक करता है आसमां मगर जमीं पर…

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शूकून अपना ढ़ूँढ़ता हूँ मैं

जिन अंधेरों से बचकर भागता हूँ हमदम हैं वो मेरे। जिनके साथ हर पल मैं जीता हूँ और मरता भी हूँ हर पल कि आखिरी तमन्ना हो जाए पूरी। मगर वो तमन्ना आज…

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प्रभू

गर्भ से सुरक्षित बच आने के बाद इस धरा पर मुझ जैसी नन्हीं-सी बच्ची का जन्म लेना क्या सार्थक हो पाएगा… अथवा, किसी साथी या, जीवन साथी या, किसी पथ के साथी के…

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जनहित सन्देश : मनहरण कवित घनाक्षरी

हाल ये न कल रहे,आज जो है चल रहे, बनके इंसान थोडा,फर्ज भी निभाइए । पेड़ सब जल रहे,फिर कैसे कल रहे, यही सब सोच सोच,पेडो को बचाइये । धरती पे फ़ैल रही,गंदगी…

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परदा

परदा बडा आसान गाम्भीर्य भाव जहाँ देखो परदा शब्दों के हेर फेरमें छल प्रपंच में पार्टी पाॅलिटिकल्स मे सब जगह परदा लाज बचाने का साधन मर्यादा का इज्जत बचाने को सब ओर परदा…

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हमसे है हरियाली

हम नन्हें तरू है , हमसे है हरियाली मत काटो हमको , हमसे है हरियाली पादप काटोगे बढ़ जायेगी गर्मी हमको न जलाओ हमसे है हरियाली पी गये धरा का सब जल काट…

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हमसाया

तू कर ले कोशिश जो दूर जाने की पास आने की राह ढूंढ जाऊँगी तू अगर धागों को तोड़ना चाहे मैं रिश्तों की मोती पिरों जाऊँगी कभी थोड़ी स्याह जो लगी जिन्दगी मैं…

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गोरी

सुवर्ण जैसी छवि वाली लगे गोरी  सुवर्ण नख-शिख धारण करे गोरी पीत से कोमल कुमारि कटि सजे पीत प्रसून की मृदु शाखि चढ़े गोरी हरा ही सिर से  दुरीय ओढ़े गोरी खेत खलिहान…

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भ्रम

अच्छे होने का भ्रम तुमको है पाले रखा रखा है जो तुमने अच्छे बने हो अब तक केवल तुम लाइक कमेन्टस का प्रहसन तुम्हारे लिए स्रोत है निर्झरिणी जैसा तुमको देता लेखन को…

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