राजा गोप गुपग्गम दास

(राजा गोप गुपग्गम दास) राजा गोप गुपग्गम दास , राजा गोप गुपग्गम दास, राजा गोप गुपग्गम दास, जल्दी- जल्दी बोलो । जल्दी -जल्दी होंगे पास , राजा गोप गुपग्गम दास । अटके अगर…

Continue Reading

वहीं मेरा देश है

बहे जहाँ अविरल गंगा, लह लह लहरे तिरंगा, नहीं कोई भूखा नंगा, होता नहीं कोई दंगा, अरे! धरा धाम पर यदि स्वर्ग कहीं शेष है। तो वही मेरा भारत है रे! वही मेरा…

Continue Reading

निर्द्वंद नारी

क्या किसी कौरव सभा में, द्रौपदी ने न्याय पाया। या किसी सीता ने राघव से, नहीं अन्याय पाया।   याचना से बस भीख मिलती, आधी आबादी सुनो। रणचंडी बन लो छिन या, तुम…

Continue Reading

वह बच्ची

कल तक थी वह छोटी बच्ची आज जिम्मेदरिओ के बोझ तले चल बसी अपने बाबा के बगिया मे रहती थी स्कूल आया जाया करती थी उम्र की कच्ची, अक्ल की बच्ची. चंद महीने…

Continue Reading

प्रकृति का जवाब

मिटाना चाहो लाख पर मिटा न पाओगे मिट मिट कर तुम मेरी ही मिट्टी मे मिल जाओगे. तुमने हर मोका गवाया हे स्यम के नजरो मे गिराया हे जब कर रही हे प्रकृती…

Continue Reading

होली है आयी

न शरमा गोरी, न घबरा गोरी, है फाल्गुन की ख़ुमारी, होली है आयी, गुलाल बहुत ही आतुर है, तेरे गालों को छूने को, रंग दूँ इनको तन पर तेरे, रंग बिरंगी होली है…

Continue Reading

औ मेरी माँ

सबसे सुंदर, सबसे प्यारी, बस एक तू ही है, औ मेरी माँ, आसमाँ से लंबी, समन्दर से गहरी, तेरी ममता है, औ मेरी माँ. मेरे ज़ख्मों पे तूने, आँखों से नीर बहाया, अश्को…

Continue Reading

तेरी हिफ़ाज़त

तेरी हिफ़ाज़त, दिल कर ना पाया, ओ गुज़रे लम्हे, तू बहुत याद आया, मेहफ़ूस तुझमे, खुद को किया था, महसूस खुद में, तुझको किया था. सुकून ना रहा है, जीने में मुझको, फिर…

Continue Reading

प्रियवर संग होली

फुले है ढाक वन दहके है उपवन खेल रही प्रकृति होली बड़ी जोर से झूले है अमलतास फुले बन में पलाश गेंदा बैजयंती भी पीले सराबोर से आया रंगोत्सव है छाया महोत्सव है…

Continue Reading

प्रेम

जहाँ प्यार होता आपस में , सुख - दुख मिलकर सहते है । उस घर में सुख - प्रेम सफलता , साथ - साथ मिल रहते है । बिना प्रेम के नही सफलता,…

Continue Reading

अब मर जाना चाहिये

दूसरों के सपनों से, आस लिये अपनों से, जाने-अनजाने लोगों के दिल से, अब मर जाना चाहिये।   सोती हुई आँखों से, बहते हुए आंसुओं से सिमटती हुई तनहा मुस्कान से, अब मर…

Continue Reading

इश्कवालों से….

ना पूछो इश्कवालों से कि क्या उनका हाल है? दिन है बैचेन और रात खस्ताहाल है। बेकरारी सी रहती है,आँखे रहती लाल है। कैसे कह दूँ कि भैया बुरा उनका हाल है। ना…

Continue Reading
Close Menu