सब के बश की बात नहीं

हर कोई को गीत गा नहीं सकता।। हर कोई तान बजा नहीं सकता।। हर कोई साज सजा नहीं सकता।। हर कोई प्रीति निभा नहीं सकता।। हर कोई इंसान हैवान नहीं बनता।। हर कोई…

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नारी शक्ति

क्या लिखूँ?कैसे लिखूँ? कुछ शब्द ही नहीं मिल पा रहे हैं, नारी शक्ति की सम्मान में अल्फाज ही नहीं निकल रहे हैं जी हाँ, नारी,शक्ति ही तो हैं जो घर और ऑफिस का…

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धरणी को चमकाती हूँ

मै सूरज की वही हूँ किरणे || जो धरणी को चमकाती हूँ।। सोना चांदी हीरे मोती || धरती में उपजाती हूँ।। फूलो से महक बिखराती हूँ।। चिडियों से गीत सुनाती हूँ || मै…

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समय का पंछी

समय कैसे पंख लगाकर उड़ रहा भवसागर को पार करता थकहार कर बैठ जाता पल तो पल एक चट्टान पे या समुंदर की लहरों पे तैरती एक नाव के मचान पे इस समय…

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सड़क के किनारे खड़े पेड़ और इंसान

एक सड़क के किनारे खड़े पेड़ भी रंग बदलते हैं इस दुनिया के लोगों के ही चेहरों की तरह मौसम सबके लिए बदलते हैं मौसम के मुताबिक रंग भी सबके बदलते हैं फर्क…

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टूटी चीजें

प्याली चटक गई थी मैंने सोचा साबुत है पहले सोचा इसे कहीं इस्तेमाल में ले लूं फिर सोचा किसी के कहने पे कि टूटी चीजें घर में रखना अपशकुन होता है तो कूड़ेदान…

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जीवन का उद्धार

मैं तेरे रूप में डूबा मैं तेरे रस में डूबा आसपास जो घटित हो रहा उसका न ज्ञान मुझे मैं तेरे प्रेम में डूबा मैं तेरी प्रीत में डूबा भक्ति भाव ने लिया…

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