आप की जीत

राम का नहीं हनुमान का प्रसाद मिला हैं पत्नी के जन्मदिवस पर 'आप की जीत' का उन्हें एक अविस्मरणीय उपहार मिला है महज बातों से काम न बने काम करने से ही आगे…

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मेरा मन

मन में उमंग है जल में तरंग है आसमान में बादल है दिल मेरा पागल है बरस जाऊं आज मैं घटा घनघोर सी जीने की ललक है भाव भंगिमाएं चपल हैं एक बालक…

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एक आनंदमयी अनुभव

यह दुनिया कुछ तस्वीरों से सजी एक फोटो एल्बम है जब कभी यादें ताजा करनी हो इन्हें गुजरे वक्त की अलमारी से निकालकर पलट कर देख लो वही तस्वीरें वही वृतांत सब कुछ…

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होली इस बार…

शिर्षक :-  होली   कैसे बितेगी इस बार उसकी होली?  रंगो के बीच बेरंगीं होली..    कैसे सजेगी इस बार वो?,  उसकी सफ़ेद साड़ी कौन रंगेगा इस बार?..    कैसी देखेगी इस बार…

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बिन फूलों के मेले

संभल संभल के चलना फूलों के उपवन में जो कहीं पैर फिसला तो फूल कोमल हैं कुचले जायेंगे इनके कांटें कठोर हैं नुकीले हैं तुम्हें चुभ जायेंगे तुम्हारा बदन छील देंगे तुम्हें लहूलुहान…

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एक दूसरे के पूरक

यह कुआं सूखा है मुंडेर पे इसकी मत बैठना न प्यास बुझेगी न जल में परछाई दिखेगी गर कहीं इसमें अचानक गिर पड़े तो चोट भी अधिक लगेगी हे आसमान में उतरते बादलों…

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मिट्टी

मिट्टी से बर्तन बने मिट्टी से खिलौने मिट्टी से इंसान कुम्हार जो चाक चलाये उससे उपजे सामान भगवान जो चाक चलाये उससे जन्मे इंसान समय का पहिया जो चल जाये उसके नीचे दब…

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