महिला दिवस

नारी सशक्तिकरण पर भाषण देने वालों , ज़रा इन सवालों के जवाब तो दो । उच्च वर्ग की महिलाओं को छोड़कर , नामी फिल्म अभिनेत्रियों को छोड़कर , टाटा ,बिरला और अंबानी सरीखी…

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सब के बश की बात नहीं

हर कोई को गीत गा नहीं सकता।। हर कोई तान बजा नहीं सकता।। हर कोई साज सजा नहीं सकता।। हर कोई प्रीति निभा नहीं सकता।। हर कोई इंसान हैवान नहीं बनता।। हर कोई…

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कंगना बाजे घडी घडी

जब से उससे आँख लड़ी || कंगना बाजे घडी घडी।। मै आहे भरती पड़ी पड़ी।। उसकी सुरती आँख में नाचे।। मन के साज हमारे बाजे || मै उसे निहारू खड़ी खड़ी || आहे…

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नारी शक्ति

क्या लिखूँ?कैसे लिखूँ? कुछ शब्द ही नहीं मिल पा रहे हैं, नारी शक्ति की सम्मान में अल्फाज ही नहीं निकल रहे हैं जी हाँ, नारी,शक्ति ही तो हैं जो घर और ऑफिस का…

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एक पॉइंट पे खड़ी मैं

एक पॉइंट पे खड़ी मैं सड़क के एक मोड़ तक निगाह दौड़ा पा रही हूं उस मोड़ से उस सड़क के मुड़ते ही आगे के दृश्य देख पाने में असमर्थ हूं कभी बीच…

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बुलाती है सेज पर

जब कलम कांपी लेके ॥ बैठता हूँ मेज पर ॥ आँखों से इशारा करके ॥ बुलाती है सेज पर ॥ फिर भी दिमाग को मै ॥ भंग नहीं होने देता ॥ शब्दो को…

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बुलाती है सेज पर

जब कलम कांपी लेके ॥ बैठता हूँ मेज पर ॥ आँखों से इशारा करके ॥ बुलाती है सेज पर ॥ फिर भी दिमाग को मै ॥ भंग नहीं होने देता ॥ शब्दो को…

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धरणी को चमकाती हूँ

मै सूरज की वही हूँ किरणे || जो धरणी को चमकाती हूँ।। सोना चांदी हीरे मोती || धरती में उपजाती हूँ।। फूलो से महक बिखराती हूँ।। चिडियों से गीत सुनाती हूँ || मै…

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मै पास तुम्हारे आया

उसने मेरे दिल को तोडा ॥ गम ने बहुत रुलाया ॥ दर्द मिटाने के खातिर ॥ पटियाला पैग लगाया ॥ फिर से देखो दिल बहलाने ॥ मै पास तुम्हारे आया ॥ आँखे मचलना…

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समय का पंछी

समय कैसे पंख लगाकर उड़ रहा भवसागर को पार करता थकहार कर बैठ जाता पल तो पल एक चट्टान पे या समुंदर की लहरों पे तैरती एक नाव के मचान पे इस समय…

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ईश्वर को मत भूलो

बन्दे क्यों तू भूल रहा है || भगवन के मीठे नाम को।। जिसने दिया है चाम को।। पल पल वे है साथ तुम्हारे।। संकट में तेरे प्राण उबारे || सच की डगर पकड़…

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पत्थर की शिला

यह पत्थर की शिला भी भगवान की कोई मूरत सी लगती है मेरे मन मंदिर में तो बस प्रभु की छवि ही बसती है फूलों का साथ हो या कांटों का अब कोई…

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स्थाई स्वावलंबी तड़प

किसी तस्वीर में जो किसी के लबों पे दिखती है मुस्कुराहट वो नकली है माथे की शिकन तन की थकन मन की सिहरन बता देती है दिल का हाल बयां कर देती है…

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सड़क के किनारे खड़े पेड़ और इंसान

एक सड़क के किनारे खड़े पेड़ भी रंग बदलते हैं इस दुनिया के लोगों के ही चेहरों की तरह मौसम सबके लिए बदलते हैं मौसम के मुताबिक रंग भी सबके बदलते हैं फर्क…

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टूटी चीजें

प्याली चटक गई थी मैंने सोचा साबुत है पहले सोचा इसे कहीं इस्तेमाल में ले लूं फिर सोचा किसी के कहने पे कि टूटी चीजें घर में रखना अपशकुन होता है तो कूड़ेदान…

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