कर्तव्य और ईमानदारी

संपादक महोदय को अपनी प्रेस के लिए गार्ड की आवश्यकता थी,सो उन्होंने विज्ञापन निकलवाया बहुत-से नौजवान संपादक महोदय के समक्ष उपस्थित हुए, लेकिन कोई भी उनकी योग्यता परीक्षा में पास नहीं हो सका…

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विधा:लघुकथा, शीर्षक:बटवारा

सीता चुपचाप आँगन में बैठी थी कुछ सोचती हुई दिखाई पड़ रही थी चेहरें पर उदासी छाई थी आँखें नम हो रही थी पास ही कमरें में उसका पति घनश्याम सोया था वह…

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आपका दिन

"मैं केक नहीं काटूँगी।" उसने यह शब्द कहे तो थे सहज अंदाज में, लेकिन सुनते ही पूरे घर में झिलमिलाती रोशनी ज्यों गतिहीन सी हो गयी। उसका अठारहवाँ जन्मदिन मना रहे परिवारजनों, दोस्तों,…

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एक आँख वाली माँ

अमेरिका से सुरेखा बहिन की चिठी से मालूम पड़ा कि एक भयंकर कार एक्सीडेंट में उनकी एक आँख जाती रही। दिल को गहरा आघात लगा लेकिन पैसों की मजबूरी कहें या पारिवारिक परिस्थितियों…

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पतन

एकाएक उपजी इस इमरजेंसी में श्रीधर करे तो क्या करे। बीच बीच में राहुल से सम्पर्क साधने की कोशिश की जाती पर विफलता ही हाथ लगती।

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ज़िद्दी इंसान ही इतिहास रचता है

जिद्दी लोग ही इतिहास रचते हैं। इतिहास उठा कर देख लीजिये आज तक जिस इंसान ने अपनी जिद को पाला है उसी ने इतिहास रचा है। एक जिद्दी इंसान ही इतिहास रच सकता…

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