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लघुकथा Archives - Page 13 of 13 - हिन्दी लेखक डॉट कॉम

मेहनत की घड़ी का बुरा वक्त

चार लोग अलग-अलग देशों की यात्रा कर पानी के जहाज़ से अपने घर लौट रहे थे| पहले ने कुछ दिखाते हुए कहा, "यह एक विशेष प्रकार की बन्दूक ली है, इसका निशाना कभी…

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खिलौना

शाम को हवलदार राम सिंह अनमने भाव से घर पर पहुंचा, सर्किल इंस्पेक्टर साहब ने ड्यूटी पर आधा घंटा देरी से आने पर बहुत डांट पिलाई थी, जिसे वो चुपचाप सह गया| "कल…

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पंचायत

"अरी कलमुँही यह क्या कर दिया तुमने? किस पाप की सज़ा दी है। " "भाग्यवान क्यों डाँट रही हो सुधा को? क्या हुआ है ऐसा!" "सुधा के बापू हम तो कहीं मुँह दिखाने…

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आज का भरत

बड़े भाई विकेश को नौकरी के सिलसिले में दो माह के लिए दूरस्थ शहर में जाना पड़ गया | उसने छोटे भाई सोमेश को अपने पास बुलाया और समझाया, 'देख, पिताजी की ठीक से देखभाल करना |…

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अकेली मोमबत्ती

दीपावली की रात थी | प्रांजल छत पर बैठा जगमगाते बल्ब के झालरों और सैकड़ों मोमबत्तियों को जलते देख रहा था | उसके घर को छोड़कर लगभग सभी मकानों का यही हाल था |सैकड़ों…

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माँ जैसी

छः महीने की लम्बी बीमारी के बाद संधान नहीं रही इसलिए पिछले कुछ दिनों से सरला जी की बहू दुखी और परेशान रहती थी | उसका दुःख बाटने को सरला जी अक्सर नाश्ता-खाना…

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काम के प्रति ईमानदार रहो

रात में एक चोर घर में घुसता है। कमरे का दरवाजा खोला तो बरामदे पर एक बूढ़ी औरत सो रही थी। खटपट से उसकी आंख खुल गई। चोर ने घबरा कर देखा तो वह लेटे लेटे बोली ” बेटा, तुम देखने से किसी अच्छे घर के लगते हो, लगता है किसी परेशानी से मजबूर होकर इस रास्ते पर लग गए हो। चलो कोई बात नहीं। अलमारी के तीसरे बक्से में एक तिजोरी है । (more…)

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कौआ कौन है

एक दिन एक कौवे के बच्चे ने कौवे से कहा

कि हमने लगभग हर चार पैर वाले

जीव का माँस खाया है,

मगर आजतक दो पैर पर चलने वाले

जीव का माँस नहीं खाया है.. (more…)

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