भिखारी कौन

ट्रैन आने वाली है। राम्या सीधे टिकट खिड़की पर पहुँचती है। भैया जयपुर का टिकट कितने का है। दो सौ पांच सामने से आवाज आई। एक मिनिट राम्या ये कहकर अपने बैग से अपना पर्स निकालने को बैग खोलती है। लेकिन पर्स वहाँ नहीं मिलता। शायद कपड़ो के नीचे दब गया होगा, राम्या ने अपने मन में सोचते हुए वहाँ टटोला। जब वहाँ भी नही मिला तो उसने पूरा बैग छान मारा।अब उसके होश फाख्ता हो गए। पर्स चोरी हो गया था।

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छड़ी

रोज की तरह राजेश अपने दफ्तर जाने की तैयारी कर रहा था। उसने अपनी पत्नी मधु से कहा की उसे दफ्तर जाने में देर हो रही है, उसका टिफिन अभी तक क्यों तैयार नहीं है? मधु तुनकती हुई आई और बोली "मुझे क्या तुमने अल्लाद्दिन का जिन्न समझ रखा है, जो तुम्हारी हर फरमाइश बोलते ही पूरी हो जाये। इस घर में हर किसी ने मुझे मशीन समझ रखा है। ये लो पकड़ो अपना टिफिन।"

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मेच फिक्सिंग

"सबूतों और गवाहों के बयानों से यह सिद्ध हो चुका है कि वादी द्वारा की गयी 'मेच फिक्सिंग' की शिकायत सत्य है, फिर भी यदि प्रतिवादी अपने पक्ष में कुछ कहना चाहता है…

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भेड़िया आया था

“भेड़िया आया… भेड़िया आया…” पहाड़ी से स्वर गूंजने लगा। सुनते ही चौपाल पर ताश खेल रहे कुछ लोग हँसने लगे। उनमें से एक अपनी हँसी दबाते हुए बोला, “लो! सूरज सिर पर चढ़ा…

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विश्वासघात

" तुमने मुझे धोखा दिया है , मेरी सम्वेदनाओं के साथ विश्वासघात किया है .वे इस आघात को सहन नहीं कर सकतीं  .इससे मैं विछिप्त हो जाऊंगा ." " यह सब नियति का…

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बिजली का मीटर

रात की सघन अनुभूति से बचते हुए किसी तरह सीसियर के दरवाजे पर दस्तक देते है, दरवाजा खुलते ही सीसियर को  एक लिफाफा भेट करते है, उधर से स्वीकृति धीमी फुसफुसाहट के स्वर उभरते है "कल किसी भी हालत मे शाम तक आपके घर मीटर लग जाएगा" फिर दरवाजा बंद हो जाता है ।

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क्यों कहते हैं?

चाय की दुकान पर नये-पुराने ग्राहकों के बीच एक ऐसा ग्राहक कुक्कू जिसे दोबारा कभी उस जगह नहीं आना था। कुक्कू के साथ उसकी रूसी गर्लफ्रेंड डेना भी थी। कुक्कू - “ओए! 2 चाय,…

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बदमाश मंकी

मंकी फॉरेस्ट में दो बन्दर रहते थे- जॉनी और रॉनी | दोनों में गहरी दोस्ती थी, पर दोनों एक दूसरे के अपोजिट थे | जॉनी बहुत ही शरीफ़ और ईमानदार था तो रॉनी…

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उलझन

आज सुबह से ही नीलम परेशान थी ।हालांकि आज तो उसे खुश होना चाहिए था क्योंकि आज ही उसने नौकरी ज्वाइन किया था। लंच में एक शिक्षिका ने अलग ले जाकर उससे पूछ…

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