दृष्टिकोण

सीमा अपने पति सास ससुर और दो बच्चों के साथ रहती थी| सीमा नौकरीपेशा थी और उसकी सास घर संभालती थी|चूकिं सीमा को घरेलू कार्यों के लिए समय नहीं मिल पाता था अतः…

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कुंडली मिलान

मिश्रा जी -शर्मा जी बधाई हो कुंडली मिल गई है मैं कल अपने परिवार व पुत्र को लेकर आपकी लड़की को देखने आ रहा हूं | शर्मा जी- जी जरूर मिश्रा जी आप…

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जिद्द

सिमरन तीन भाई बहनों में सबसे छोटी थी। 12 वर्ष की सिमरन घर में सबसे दुलारी भी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब न थी किंतु सिमरन के पिता के ऊपर संयुक्त परिवार…

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एक सीमान्त

नम्रता को उसके गायक पति शिबू भोला ने डेढ़ घंटे बाद फ़ोन करने की बात कही थी। बेचैनी में उसने जैसे डेढ़ घंटे के 5400 सेकण्ड्स पूरे होते ही शिबू को फ़ोन मिलाया।…

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सर्दी

" कितने दिनों से बोल रही हूँ , सिग्नेचर के ब्लैंकेट लेने के लिए । मगर प्रकाश तो सुनते ही नहीं । निक्की ने भी कल ही दिखाया अपना नया ब्लैंकेट । कितना…

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रोटी

पुलियें की चढान घुटनों के दर्द को बढा देती है पर मंदिर जाने की आस्था नयी तरावट के साथ कदमो में जोश भरने लगती है, पीछे से "जय महादेव" के परिचित स्वर कदमों…

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यादों की तस्वीर

आज रश्मि के घर उसके कॉलेज की सहेलियों का जमावड़ा था। हर 15-20 दिनों में किसी एक सहेली के घर समय बिताना इस समूह का नियम था। आज रश्मि की माँ, सुमित्रा से…

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आजादी

पहली रोटी मैंने अभी तवे पर डाली ही थी। 'माँ ,मैं कैसी लग रही हूँ ? ' रोहिणी ने आते ही पूछा।  मैं कुछ कहती इससे पहले उसका फोन बजने लगा। वह जल्दी…

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अरमानों पर लात

ठंडी की शुरूआत हुई ही थी। फुटपाथ पर रहने और सोने वाले गरीबों का हाथ-पैर ठंड के मारे फ़ूलने लगे थे। एक दिन में चकाचौंध से भरी सड़क से किसी कारणवश गुजर रहा…

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नयी दीवाली

नयी दीवाली ( लघुकथा ) मनु की कलम से जैसे जैसे सप्तअश्नारोही भानु अरुण आभा ले ड़ूब रहे थे वैसे वैसे मोहन का मन भी ड़ूबने लगा । अँधेरा गहराता जा रहा था…

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इंसानियत

इंसानियत   रश्मि अपने ऑफिस के लिए निकली ही थी . गेट पर एक बीस बाइस  साल की  भिखारिन ने रास्ता रोक लिया अपने भूखे बच्चे की दुहाई देते हुए.यों तो वह भीख…

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जिंदगी

लघुकथा -ज़िन्दगी रीवा ने डॉक्टरी पढ़ाई के बाद उस से ४ साल सीनियर डॉक्टर रुपेश ने नया नर्सिंग होम शुरू किया था, उस से पार्टनरशिप कर ली। अपने पापा की लाड़ली रीवा के…

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” आदर्श महिला “

लघुकथा ***** " आदर्श महिला "****** .कार्यालय में जाने-आने हेतु निर्धारित बस है। वह अक्सर प्रस्थान बिंदु पर ही भर जाती है। कुछ सवारियों को तो वहीं से खड़े-खड़े यात्रा करना पड़ती है।…

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