दोनों हाथ लड्डू 

सब्जियों के बढ़ते भावों से परेशान होते हुये विपक्ष के एक नेता ने मुस्कराते हुये पत्रकारों से कहा- कि आम आदमी का तो जीना ही दूभर हो गया है , देखिए आलू-प्याज के…

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एक ब्रेक  

"पिछले चार महीने से एक दिन की छुट्टी नहीं. लास्ट क्वॉर्टर का प्रेसर. जिंदगी एक कुत्ता दौड़ बन गयी है. कभी फायरिंग , कभी वॉर्निंग , कभी इन्सेंटिव का लालच , कभी प्रमोशन…

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बरसातें और भी हैं

आज मौसम ख़ुशनुमा था,हल्की बूँदाबादी भी हो रही थी । घर में घुसते ही श्रीमती जी से चाय और पकौड़ी बनाने को बोला,श्रीमती जी का आदेश आया कि घर में बेसन खत्म है…

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जज्बात

कपिल की माँ को वह दिन याद आ गया जब माँ ने बहू अंजनि को घर आने पर यह कहते हुए " कि यह घर तुम्हारा है और इस घर की हर मान…

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अनमोल सोफा

नीले आसमान के नीचे फैली पेड़ों की घनी छाया, पार्किंग की इतनी पर्याप्त जगह मानो कोई उडन तश्तरी उतरने का स्थान बना हो, सेक्टर 16 पंचकूला में आधार प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम…

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उसका प्रश्न

दीवार पर भगवान श्रीकृष्ण का मन भावन कलेन्डर देखकर उसने सिर पर आंचल डाला और तत्परता से दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना के स्वर में आंखें मूंदकर बुदबुदाने लगी, ‘‘ हे भगवान मेरी लाज…

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सम्वेदनहीनता

आज़ बैंक में बहुत भीड़ थीएखैर इसके लिये हम बैंक वाले तैयार होकर आये थेएप्रधानमंत्री जी ने 500 व 1000 के नोट बंद किये थे । हम तैयार थे इस काले धन रूपी…

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कैसी है ये पूजा श्रद्धा

विनय पहली बार अपनी  मम्मी के साथ मन्दिर जारहा था। रास्ते-भर माँ ने उसे अनेक उपदेश दिए कि हमें  हमेशा  गरीबों  की सेवा करनी चाहिए, जो दूसरों की सहायता  करते हैं भगवान उसे…

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अपराधी कौन

जैसे-जैसे अँधेरा छँट रहा था तो सभी दिशाओं में ऐसा लग रहा था, जैसे कोई चित्रकार अपने चित्र पट के काले रंग को सफेद कर रहा हो। थोड़ी देर मे चिडियों की चहचहाट…

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कोचिंग क्लास

श्रीवास्तव जी की काफी इच्छा थी कि उसका पुत्र पंकज इंजीनियर बने ।पंकज एक औसत दर्जे का छात्र था पर पिता जी के प्रयास से डोनेषन कोटे द्वारा इंजीनियरिंग में एडमिषन हो गया…

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मेरी किस्मत ठीक है

घर में सबलोगों के बीच बैठा बैठा ऊब गया था। सोचा बाज़ार ही घूम लिया जाए। इसी विचार से निकला और पहुँच गया बाज़ार। इतवार का दिन बाजार की गहमा गहमी ऐसे होती…

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तोहफा

बाॅस की बेटी का जन्मदिन था ।बाॅस ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को आमंत्रित किया था ।जन्म दिन पे बधाई देने से ज्यादा इस बात की होड़ लगी थी कि कौन कैसा गिफ्ट देता…

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निष्कासन

गाँव के बाहर गुमटी पर जो चायवाला था पेपर मँगाया करता था।वहीं जाकर सुरेश पेपर देख लिया करता था ग्रामीण बैंक की भर्ती निकली थी सुरेश ने सोचा वह भी फॉर्म भर दे…

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ज़िन्दगी

ज़िन्दगी  में एक उम्र वो भी आई कि मेरा दिल  फूलों पर आने लगा । बहुत समझाया , मनाया। हर दूसरी बातों में उलझाया.. । मगर माना ही नही ! खैर ! एक…

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