खत

By | 2017-12-30T19:12:19+00:00 December 30th, 2017|कविता, प्रेम पत्र|

आज अलमारी साफ करते मिले पुराने खत तुम्हारे जिनमें आज भी आ रही है तुम्हारे प्यार की खुशबू आज [...]

काश !तुम रूबरू होते … (ग़ज़ल )

By | 2017-12-29T17:58:07+00:00 December 29th, 2017|गीत-ग़ज़ल, प्रेम पत्र|

(मेरे अज़ीज़  फनकार के नाम प्रेम -पत्र )   ऐ मेरे हमदम ,हम राज़ ,काश तुम रूबरू होते ... [...]