दोस्ती-एक प्रेम कहानी

हर एक इंसान की अपनी कुछ अभिलाषाये होती है और वह सामने वाले से वही अपेक्षा करता है जैसे उसे क्या प्रसन्द है क्या नहीं। यही सभी बातें ध्यान में रखते हुए अपनी लाइफ को मैं जीने लगा। अब तो दिन ही नही साल बीतने लगे। मैं गांव से शहर अपनी आगे की शिक्षा के लिए आ गया। वो दिन भी आया जब पहली बार मैने उससे अपने दिल की बात कही। और उसने मेरी बात को स्वीकार किया।अब वह दोस्त के साथ मेरा प्यार भी है कुछ वक्त बाद मुझे उसने बताया कि अब आपके ही इंतेज़ार में पलकें बिछी रहती है कि कब मेरे सामने आओगे।

तेरे बिन गुजरा वो दिन

आज सुबह जब आँखे खुली, तो लगा कि जैसे रोज की तरह आज फिर आयेगी तेरी यादें और सूरज की …

मेरी हमसफर बनोगी

जोर से बोलो वेलिनटाइन बाबा की जय………. बरबादी के देवता की………..जय हो गॉड ऑफ लव की…… पहले मैंने सोचा कि …

वो और मेरा प्यार

सुना है जंगलों का भी कोई दस्तूर होता है प्यार दिलवालों से करो तो क़बूल होता है ये प्यार कोई …

तब्बसुम तेरे प्यार का

गिरती बुँदे तरूओ से छन कर, मेरे मुख-मण्डल को भिगो रही है, मधूर उषा की अँगराई, मेरे रोम-रोम को महका …

प्रेम पत्र

मेरे प्रिय प्रेमी, लिखना चाहती हू ढेर सारी बातें भरे प्रेम पत्र पर लिखा न पाती एक तिनका अक्षर । …

प्रेम पत्र

सीधी रेखाओं से बहुत ही सरल आकृतियां बनती रही हमेशा और मई उनमे ही खोजता रहा तुम्हें तुम्हारा सौंदर्य तुम्हारा …

प्रेमिका का खत प्रेमी के नाम

प्रेमिका का खत प्रेमी के नाम जो सत्य है अव्यक्त है, मिलन की झूठी आस है, नहीं बनोगे हमसफर, यह …

तू मेरी होकर भी मुझे लगती परायी है।

तेरी याद ही मुझको यहां खींच लाई है, तू मेरी होकर भी लगती मुझे परायी है। मैं खुद नही जानता …