इश्क है तुमसे

कैसे कह दूँ मैं तुमसे?मुझे इश्क है तुम्ही से,डरता हूँ मैं कभी अपनी हालातों से, इस मुकम्मल जहां से,तो कभी खुदा की खुदाई से कही तुम इंकार ना कर दो,इश्क की कलियों को…

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मेरी शायरी

किसको दोषी ठहराए?यहाँ कौन निर्दोष खड़ा है?है यह प्रश्न गूढ़, लेकिन जवाब हर शख्श चाहता है स्वार्थ और कुर्सी की लालच में हर कोई दूसरे से उलझ रहा है, पीस रही हैं जनता…

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मेरे अल्फाज

ऐसी प्रेमभरी निगाहों से आईना देखती हूँ, जैसे सामने महबूब हो,और बस उसे ही देखती हूँ इस दिल से एक खता हो गई,मैं उसका हो गया और'वो'मेरी हो गई,यह प्यार का सिलसिला कुछ…

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मेरे अल्फाज

चाँद से पूछो कभी क्यों चकोर उसकी याद में आँसू बहाता है?अगर इश्क इबादत है खुदा का,तो क्यों जमाना इश्क करनेवालों को तड़पाता हैं सोचा ना था उनसे मुलाकात होगी यूँ ही किसी…

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मेरे अल्फाज

हसीनों की दुनिया में उस निगाहों का इंतजार है, बना दे जो इस शायर को दीवाना ऐसी माशूका की तलाश है, मिलेगी मुझे किसी ना किसी मोड़ पर, ऐसा मेरा दिल मुझसे कहता…

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मेरे अल्फाज

1 हम शायर दर्दे दिल जो लिखते हैं अपनी दास्तां कागज पर उतारते हैं,पर ये दुनिया वाले हमारी जख्मों को कहाँ देख पाते हैं?और हमारी गम को फसाना समझकर तालियाँ बजाया करते हैं…

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जिंदगी में दौर इम्तिहान का जो चल रहा

दौर इम्तिहानों का जो चल रहा क़भी हार रहा क़भी जीत रहा क़भी उलझा किसी सवाल में क़भी किसी सवाल का जवाब बन रहा जिंदगी में दौर इम्तिहान का जो चल रहा उलझा…

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वो भी क्या मुलाकात थी

वो भी क्या मुलाकात थी वो खोए रहे खुद में मैं भी बस चुपचाप थी मुददतों बात की मुलाकात थी पहली और शायद आखिरी मुलाकात थी जब वो मेरे इतने नजदीक था न…

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कर लेती है खुद से ही बेवफाई तभी तो वो तेरी कहलायी

कर लेती है खुद से ही बेवफाई तभी तो वो तेरी कहलायी किसी की माँ किसी की बेटी किसी की पत्नी किसी की प्रेमिका बन पायी कर लेती है खुद से ही बेवफाई…

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मेरी शायरी

1 यूँ मेरे इश्क को ना ठुकराया कीजिए,सामने रखी जाम को होंठो से लगा लीजिए,कोई पूछे इश्क-ए-जाम किसका है?तो शौक से मेरा नाम ले लिया कीजिए 2यूँ ही नहीं मिलती मंजिल किसी को…

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मेरे अल्फाज

1मेरा दिल एक मकान है जिसमे किरायदार हो तुम,कोई कीमत अदा मत करना,बस प्यार निभा देना तुम 2 तेरी गलियों से जब-जब गुजरा करेंगे,एक नजर तेरी मकान की खिड़कियों पर देखा करेंगे, बस…

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