मुक्तक

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सुधि मेघ …

By | 2017-07-02T21:07:46+00:00 July 2nd, 2017|Categories: मुक्तक|

तड़प उठी साँसों की बदरी भीग उठी नयनों की नगरी चीखा फिर शृंगार हिया का सुधि मेघ की बरसी [...]

हर शै …

By | 2017-06-27T23:23:36+00:00 June 27th, 2017|Categories: मुक्तक|

हर शै ...   तारीकी में भी इक तनवीर निहां होती हैl ख़्वाब-ए-जागीर तसव्वुर में अयाँ होती है l [...]

1.स्पंदन…./2.दृग शर …

By | 2017-06-22T23:06:34+00:00 June 22nd, 2017|Categories: मुक्तक|

1.स्पंदन.... झुकी नज़र रक्ताभ अधर ...हुए अंतर्मन के भाव प्रखर ......घोर तिमिर में स्पर्श तुम्हारे ............स्वप्न स्पंदन सब गए [...]

अंगड़ाई …

By | 2017-06-22T22:32:41+00:00 May 22nd, 2017|Categories: मुक्तक|

अंगड़ाई ... शब् है शबाब है वो भी बे-हिज़ाब है …….गेसुओं से झांकता जैसे माहताब है ………..सो रही है [...]

तेरी याद

By | 2016-11-08T18:22:57+00:00 November 8th, 2016|Categories: मुक्तक|

जब कभी मै अंधेरो में उजालो को ढूढता हूँ अक्सर उन उजालो में मै तुझे ढूढता हूँ   तू [...]