चंद्रमुखी नार

चंद्रमुखी नार (मनहरण घनाक्षरी छंद) ———————— चंद्रमुखी नार है, यौवन अपार है । हंसिनी सी ग्रीवा सजा, मोतिन का हार …

हरियाली तीज

पीहर में सखियाँ हरषाई,सावन की हरियाली तीज। झूला झूले कजरी गाये सावन की हरियाली तीज। घुइयां पूरी याद दिलाती,पूजन व्रत …

देशप्रेम के दोहे

दोहे तिरंगा शान देश की,सुनो लगा तुम कान। ऊँचा फहरे रोब से,यही देश का मान।। खुद से बढ़कर देश हो,जाए …

नशीहत भरे दोहे

—–दोहे—– आँसू मोती आँख का,टूटे कभी न मीत। होता सुर बिन बोर है,अच्छा मीठा गीत।। साहिल पर तू बैठ के,चाहे …

प्रशंसा, तम

प्रशंसा के दोहे —————— नेक प्रशंसा सीख तू,सबको भाती ख़ूब। तेरे सारे काम हों,जाए दुख फिर डूब।। हँसता देखें आप …

बरसात की ताज़ी झरोखें

दिल मे आग लगया कुछ इस तरह उसने। बरसात के मौसम में हम जल के राख बन गए।। ———————————– हम …

क्यों क्रूर है बरिबंड है…

मुक्तक… उदन्त मार्तण्ड है ज्वलंत क्यों पाखंड है क्या उष्णता पाखंड की रवि ताप से प्रचंड है  !   कथन …

कुछ दोहे कुछ चौपाइयाँ…

दोहा… चैत्र की नवमी तिथि मे,पावन अयोध्या धाम! सकल सृष्टि उद्धार हेतु, प्रकट भये श्री राम !! चौपाई… जय जय …