प्रेमचंद

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रसिक संपादक

By | 2017-08-04T08:52:35+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

'नवरस' के संपादक पं. चोखेलाल शर्मा की धर्मपत्नी का जब से देहांत हुआ है, आपको स्त्रियों से विशेष अनुराग [...]

मनोवृत्ति

By | 2017-08-04T08:52:35+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

एक सुंदर युवती, प्रात:काल, गाँधी-पार्क में बिल्लौर के बेंच पर गहरी नींद में सोयी पायी जाय, यह चौंका देनेवाली [...]

गिला

By | 2017-08-04T08:52:34+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

जीवन का बड़ा भाग इसी घर में गुजर गया, पर कभी आराम न नसीब हुआ। मेरे पति संसार की [...]

तावान

By | 2017-08-04T08:52:33+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

छकौड़ीलाल ने दुकान खोली और कपड़े के थानों को निकाल-निकाल रखने लगा कि एक महिला, दो स्वयंसेवकों के साथ [...]

घासवाली

By | 2017-08-04T08:52:34+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो [...]

आखिरी हीला

By | 2017-08-04T08:52:33+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

यद्यपि मेरी स्मरण-शक्ति पृथ्वी के इतिहास की सारी स्मरणीय तारीखें भूल गयीं, वह तारीखें जिन्हें रातों को जागकर और [...]

लांछन

By | 2017-08-04T08:52:33+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

अगर संसार में ऐसा प्राणी होता, जिसकी आँखें लोगों के हृदयों के भीतर घुस सकतीं, तो ऐसे बहुत कम [...]

अनुभव

By | 2017-08-04T08:52:32+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

प्रियतम को एक वर्ष की सजा हो गयी। और अपराध केवल इतना था, कि तीन दिन पहले जेठ की [...]

सुभागी

By | 2017-08-04T08:52:32+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

और लोगों के यहाँ चाहे जो होता हो, तुलसी महतो अपनी लड़की सुभागी को लड़के रामू से जौ-भर भी [...]

कायर

By | 2017-08-04T08:52:31+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

युवक का नाम केशव था, युवती का प्रेमा। दोनों एक ही कालेज के और एक ही क्लास के विद्यार्थी [...]

शिकार

By | 2018-01-01T22:24:43+00:00 August 4th, 2017|Categories: प्रेमचंद|

फटे वस्त्रों वाली मुनिया ने रानी वसुधा के चाँद से मुखड़े की ओर सम्मान भरी आँखो से देखकर राजकुमार [...]