नशा

By | 2017-07-10T23:46:19+00:00 July 9th, 2017|कहानी, प्रेमचंद|

ईश्वरी एक बड़े जमींदार का लड़का था और मैं एक गरीब क्लर्क का, जिसके पास मेहनत-मजूरी के सिवा और [...]

वरदान

By | 2015-09-11T02:33:26+00:00 September 11th, 2015|प्रेमचंद|

विन्घ्याचल पर्वत मध्यरात्रि के निविड़ अन्धकार में काल देव की भांति खड़ा था। उस पर उगे हुए छोटे-छोटे वृक्ष [...]

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