दीवारें बोल उठेंगी

ऐसा भी कहीं होता है! कुछ भी, विज्ञापन दिखा देते हैं। फिर सोचा एक बार ट्राई करने में क्या जाता है, मैंने दीवार की तरफ मुंह किया और पूछा क्या तुम बोलना जानती हो? उधर से आवाज आई, क्या आप सुनना पसंद करोगे? अरे वाह! यह तो चमत्कार हो गया। मैंने तो सुना था दीवारों के कान होते हैं, लेकिन इसकी तो जुबां भी है....

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माँ की दुआ

तुम भी दर्द कब तक देते, मैं भी दर्द कब तक सेहती तुम भी उतने बुरे नहीं हो, मैं भी अब इतनी भली नहीं। जिसके साथ माँ की दुआ हो उसके साथ गलत नहीं हो सकता। माँ की दुआ उसका रक्षा कवच बनकर हर मुसीबत से उसकी रक्षा करता है। किसी काम से अमरोहा अकेले ही जाना था लेकिन माँ दुआएं, पापा का आशीर्वाद, मैम की शुभकामनायें और मेरे भगवान जी का साथ है किसी और सहारे की क्या ज़रूरत?

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मेरी पहली रेल यात्रा

आज भी याद आता है अपनी वो पहली रेल यात्रा...कक्षा एक की विद्यार्थी मैं, अशोक कुमार के स्वर में वो गीत 'रेलगाड़ी छुक-छुक-छुक,बीच वाली स्टेशन बोले रुक-रुक-रुक...' इसी से रेलगाड़ी को समझती आई…

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बारिश और बचपन

बारिश, मिट्टी की खुशबू, कागज की कश्ती... बारिश में भीगने पर बच्चे को डांट रहे पिता को देख, अपने बचपन के गलियारों का चक्कर लगा आई..... मैं अपनी बालकनी में बारिश का शोर…

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सुनो बहू, क्या लाई हो

शादी को अभी कुछ ही वक़्त हुआ है......। मायके से ससुराल वापसी पर....,  सासू मां और  संग सहेलियां पूछने लगती हैं अक्सर .... मायके गई थी  क्या  क्या लायी...। एक तो वैसे ही…

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दीवार पर टंगी पिता की तस्वीर

आज पिता को गुजरे पूरा एक महीना हो चुका है।चलो सब  कार्य  अच्छी तरह से  निपट चुका है। अब मैं भी, पत्नी को साथ लेकर, कहीं  तीर्थाटन के लिए जाने की सोच रहा…

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रेखा

रेखा :संस्मरण दुनिया में कई तरह के लोग होते है,कुछ ऐसे की जिनके सान्निध्य में भटका हुआ भी पथ पा जाये ,कुछ ऐसे कि मंजिल तक पहुँचकर भी इंसान पथ भूल जाये ।हमें…

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यादों के पटल से ‘मेरी दादी’ (संस्मरण)

संस्मरण यादों के पटल से 'मेरी दादी' आज की विधा है संस्मरण यह जानकर मेरे मानसपटल पर सर्वप्रथम जो पहली और प्रभावशाली छवि अंकित हुई वो मेरी दादी जी की है। मैं अपनी…

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होस्टल वार्डन — मां बाप दोनों

बिड़ला हॉस्टल के दिनों में उन्होंने हमारे माँ और पिता दोनों की भूमिका बखूबी निभाई. मैस में अच्छा भोजन, स्टडी-अॉवर्स में जरूरी पढ़ाई, रविवार की प्रार्थना-सभा और रविवार शाम को बिट्स अॉडी में मूवी --- सब उनके प्रयासों से संभव होता था.

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