कलाकार श्री सत्यपाल सोनकर

“…और मैं अनूप जलोटा का सहपाठी भी था।” *कलाकार श्री सत्यपाल सोनकर पिछले शादी के सीज़न से ये आदत बनायी है कि पैसों के लिफाफे के साथ छोटी पेंटिंग उपहार में देता हूँ।…

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पेड़ पौधे और हमारा बचपन

आज से 10-12साल पहले हमारे और पड़ोसी गांवों में आम, महुआ, जामुन, बाँस, कटहल, शीशम, और सहिजन के पेड़ बहुतायत में देखना कैसे मनोरम दृश्य थे ? एक से बड़े एक बागीचे जिन्हें…

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आध्यात्मिकता का ढोंग

भारत की चेतना सदैव आध्यत्मिक रही है ।मैं स्वयं भी बहुत आध्यात्मिक हूँ पर उस अर्थ में नहीं जिस अर्थ में आध्यात्मिकता का सामान्य अर्थ लिया जाता है ।कर्मकांड ,बाबाओं ,गुरुओं के पास…

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चमत्कार

जीवन में सुख दुःख आते जाते रहते हैं लेकिन इंसानी स्वभाव है कि हम दोनों को एक ही भाव से ग्रहण नहीं कर पाते सुख के समय हम इतने प्रसन्न हो जाते हैं…

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काश!जी भर के बात कर पाती तुमसे अम्मा

आज सफाई करते हुए पुरानी डाईरी हाथ लग गई सब ठीक से रखी पर डाईरी वापस रह गई ।दोपहर का खाना बनाई फिर अपने सारे काम निपटा धुप में बैठने जाने लगी की…

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परीक्षा और मुस्कान

बात अभी पिछले वर्ष की ही है, मैं कक्षा दसवीं में पढ़ता था । पढ़ने में अच्छा था और प्रतिस्पर्धा के युग में तो पढ़ाई अधिक ही करनी पढ़ती है । बोर्ड परीक्षा…

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एक संस्मरण

  आज कलम लेकर यूँही बैठी थी , टेबल पर माँ और पिताजी की तस्वीर देख ऐसा प्रतीत हुआ कि मानो बचपन लौट आया हो । स्मृतियाँ मानो दौड़ी चली आयीं । बचपन…

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देखो इन्हें ये है ओस की बूंदे

#पिंगलवाड़ा (अमृतसर) पिंगल का अर्थ है--(#अनाथ_अपाहिज_बुद्धिहीन) वाड़ा............(#बच्चे) साईकल यात्रा के 7वें दिन,जब हम पिंगलवाड़ा में पहोंचे थे... अंदर का जो दृश्य था उसे देख बस..आंखे ही #नम हो रही थी। वहा वो बच्चे…

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ममता की जीत

नव वर्ष के आगमन की सुगबुगाहट दिसंबर महीने के आरम्भ से ही माहौल में. पैर पसारने लगती है। मेरे मन की  न जाने क्यों. कुछ अजीब सी  दशा हो जाती है। अच्छी तरह जानती…

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कोशिश

मेरी डायरी से "लेहरों से डरकर नोका पार नही होती और कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती" दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेज से थक हारने के बाद मैने सत्यवती महाविद्यालय में…

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“काँटा भी , बँटवारा भी”

बचपन की मासूमियत जहाँ खुद के होने का वजूद ही नहीं, फिर भी खुशगवार थी जिंदगी. कितने थप्पड़ माँ बाप से खाये ,रो लिए और फिर वही मासूम सी शैतानियां. मुझे आज भी…

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विवाह एक सपना या साजिश

विवाह एक सपना या साजिश                                                                 अब मानसिक समस्याग्रस्त लोगों के साथ काम करते हुए लगभग एक महीना बीतने वाला था । धीरे धीरे हमें अच्छा लगने लगा था मरीजों का साथ रोज…

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