कोशिश

मेरी डायरी से "लेहरों से डरकर नोका पार नही होती और कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती" दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेज से थक हारने के बाद मैने सत्यवती महाविद्यालय में…

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“काँटा भी , बँटवारा भी”

बचपन की मासूमियत जहाँ खुद के होने का वजूद ही नहीं, फिर भी खुशगवार थी जिंदगी. कितने थप्पड़ माँ बाप से खाये ,रो लिए और फिर वही मासूम सी शैतानियां. मुझे आज भी…

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विवाह एक सपना या साजिश

विवाह एक सपना या साजिश                                                                 अब मानसिक समस्याग्रस्त लोगों के साथ काम करते हुए लगभग एक महीना बीतने वाला था । धीरे धीरे हमें अच्छा लगने लगा था मरीजों का साथ रोज…

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क्या नाम दूँ

मेरा  बेटा, समय कैसे पंख लगा उड़ जाता है ! तब की इसकी शैतानियाँ और नादानियाँ दोनों ही प्यारी लगती थी. लंबे- लंबे बालों में बिल्कुल लड़कियों  सा लगने वाला ये बच्चा ना…

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