जॉनी – रॉनी पकौड़ा सेंटर

एक दिन जॉनी और रॉनी ने फैसला किया कि वे अपना खुद का बिज़नस शुरु करेंगे | आख़िर इतने सालों से बेरोजगार थे वे | नौकरी तो मिलने से रही | वैसे भी…

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कुछ यादें

इस रचना के माध्यम से मैं जो बात कहना चाहता हूँ यदि आप तक पहुंचे तो मुझे जरुर बताइयेगा🙏 कुछ यादें (बीते दिनों की) बचपन का एक जमाना था खुशियों का खजाना सब…

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पहाड़ी कहानी ( बिनु हसिया बल्द)

गांव में खेतों सै फसल कट चुकी थी अब कार्य था दुबारा नई फसल उगाने के लिए बैलों द्वारा हल जोतने का , नई फसल उगाने के लिए हर बार की तरह बैलौ…

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दो पैरों वाला भेड़िया

अब वह देशभक्त पत्रकार जेल में हैं और देशद्रोही नेताजी सभ्य और समाज सेवक का मुखौटा पहनें नये घपले की योजना बना रहे हैं। सोच में ड़ूबे नेताजी का ध्यान उस समय भंग हो जाता हैं जब उस पत्रकार के माता-पिता उनके कक्ष में घुस आते हैं।

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बदलता समय

समय का फेल बदलता है जो सोचता हूं शायद वो मुमकिन नही इस जहां में कोशिशों का सिलसिला जारी है मन का आंसू तो कोई नही देखता मगर आंखों को ये दर्द सहना…

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