व्यंग्य

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तुम और  देश

By | 2017-02-20T14:21:35+00:00 February 20th, 2017|Categories: व्यंग्य|

तुमको जहेन में उतारना दिल्ली की जहरीली हवा जैसा है, तुमको समझ पाना संसद में हंगामे जैसा है, तुमसे [...]

भितरघात

By | 2017-02-20T12:37:10+00:00 February 19th, 2017|Categories: व्यंग्य|Tags: |

चुनाव जीतने का महामंत्र ' भितरघात" महामंत्र है हराने का सभी को भितरघात भितरघात छुप कर प्रचार अपने यार [...]

डिप्लोमा इन स्लोगन

By | 2016-12-04T00:17:24+00:00 December 4th, 2016|Categories: व्यंग्य|

स्लोगन अधिकतर जनचेतना को सक्रिय कर जनकल्याण,देश कल्याण के लिए चिल्लाए जाते थे। जिनसे राष्ट्रहित की इतनी तीव्र सुगंध [...]