“रोटी की कविता”

रोटी की कविता रोटी गरीब की पसीना पानी अमृत से बनती है कवि की कल्पना न हो हकीकत में कविता बनती है अनिल कुमार सोनी  

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एक कहा दूसरे से

इमली बोली आम से आंवला क्यों चुप गुड़ बोला शक्कर से मिश्री क्यों चुप हरी मिर्च बोली लाल मिर्च से काली मिर्च क्यों चुप नर बोला मादा से किन्नर क्यों चुप ब्रह्मा जी…

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आम और खास

राजनीति के विचाराक विचार में है अचार कैसे डालते है आम का खास का तो पता है पहले धो दें काट लें एक के सोलह करें नमक राई और सरसों का डालें सब…

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शुद्ध हवा

धुआं को हवा से युद्ध करना आग को हवा से युद्ध करना जल को हवा से युद्ध करना धरा को हवा से युद्ध करना आकाश को हवा से युद्ध करना सारे जगत को…

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“घौंसला”

घौंसला हौंसले से बनाया करते है पंछी धूप से बारिश के पानी से दुश्मनों से बचने का पुख्ता उपाय करते हैं पंछी बंदर बिल्ली बिलों का भय से घबराहट नहीं होती उसे पता…

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शहद वाला

शहदबाला " ले लो शहद ले लो शहद आवाज लगाता दोपहर में नींद खराब करता दरबाजा खटखटाया बोला शहद ले लो शहद एक भगोने में शहद युक्त छतना डाले शुध्दता का प्रमाण जताने लोग कहते…

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“जीवन के गलियारे”

जीवन के गलियारों में      मस्ती और उमंग खुशबू विखर जाती है आती है तरंग हलचल होती इधर उधर कभी किसी की कट जाती है पतंग कभी खुशी कहीं गम खुशहाल राहों…

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आम

आम आम होने के साथ साथ बहुत खास है , इसके बीना न तो किसी समाज की परिकल्पना संभव है न ही राजनीति की | आजकल कुछ लोग चाय पे चर्चा कुछ ज्यादा…

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सिग्रेट

सिग्रेट की दुनिया अपनी अलग है अलग है औरों से बिलकुल अलग है , अरे भाई सच कह रहा हूँ अलग है , मगर सोचों अगर ये दुनिया न होती तो क्या होता…

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सड़क

स्थिर अस्थिर टूटी-फूटी निरन्तर घाव सहन करती एक छोर से दूसरे छोर कहाँ तलक चली जाती इंसानियत से हो बेखबर एक जमाना  लिया भोग उत्थान -पतन गुजरा कब बदली बिगड़ी तकदीर इतिहास ने…

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हँस मत जाना

हँस मत जाना बॉयफ्रेंड - मेरे पापा के सामने सब कटोरा लेकर खड़े रहते है। गर्लफ्रेंड - आखिर तुम्हारे पापा करते क्या है ? बॉयफ्रेंड - ने धीरे से कहा -वह , गोल…

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कैसे दिखाई दे।

मेरे आँख मे वो मंजर कैसे दिखाई दे। खुदा के घर से आया हूँ कहो कैसे सफाई दे। वही मंदिर मे बसता है वही मस्जीद मे बसता है, जो तेरे खोट है दिल…

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जल और जल संरक्षण

राष्ट्रीय विकास में जल की महत्ता को देखते हुए अब हमें `जल संरक्षण´ को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखकर पूरे देश में कारगर जन-जागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। `जल संरक्षण´ के कुछ…

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याद

याद है आती उसकी जहाँ बचपन हमने है अपनी गुजारी उन गलियोँ की उन मुहल्लोँ की जिनमे समय हमने गुजारी याद उनकी भी सताती जिनका सानिध्य हमने है पाई खेला पढ़ा साथ जिनके…

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भूकंप के झटके

ग्रामीण क्षेत्रो मे भुकंपो पर भारी पङे अफवाहो के झटके....... पिछले दिनो नेपाल के काठमांडू मे आऐ भूकंप के झटको का असर भारत के कुछ राज्यो मे भी महसुस किए गए। उत्तर प्रदेश,…

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