टूटी चीजें

प्याली चटक गई थी मैंने सोचा साबुत है पहले सोचा इसे कहीं इस्तेमाल में ले लूं फिर सोचा किसी के कहने पे कि टूटी चीजें घर में रखना अपशकुन होता है तो कूड़ेदान…

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सड़क के किनारे खड़े पेड़ और इंसान

एक सड़क के किनारे खड़े पेड़ भी रंग बदलते हैं इस दुनिया के लोगों के ही चेहरों की तरह मौसम सबके लिए बदलते हैं मौसम के मुताबिक रंग भी सबके बदलते हैं फर्क…

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जीवन का खेल

जीवन का खेल खेलो मोहब्बत से नफरत को धो डालो इबादत से खिलाड़ी बनकर मैदान में न उतर पाओ तो कोई गिला मत करो दर्शक बन खिलाड़ियों को घेरकर बैठ जाओ उन्हें खेलते…

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जीवन का उद्धार

मैं तेरे रूप में डूबा मैं तेरे रस में डूबा आसपास जो घटित हो रहा उसका न ज्ञान मुझे मैं तेरे प्रेम में डूबा मैं तेरी प्रीत में डूबा भक्ति भाव ने लिया…

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पहला प्यार

मेरे जीवन की कहानी भी किसी से उम्र भर में हुई एक मुलाकात की तरह ही छोटी सी है। एक छोटे से गांव में नदिया के पार झरनों के सहारे सरसों के खेतों…

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रोशनियों के अम्बारों के संसार

कभी कभी किसी के हृदय में कितना प्रेम होता होगा कि उसके मन में कोई भाव ही उत्पन्न नहीं होता होगा और लोग कहते होंगे कि देखो तो यह कितना निष्ठुर व्यक्ति है…

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बिना प्रेम के

प्रेम जाल में उलझा मैं एक मछली सा जल की ऊपरी सतह पे तैरते जाल में भी फंसने जा रहा हूं उलझ के देखूं तो जानूं यह सुलझना क्या होता है सुलझ के…

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कुछ याद नहीं

परीक्षा हाल में अच्छा लगता है लडकियों के चेहरे को पढना कभी दायें मुड़ना कभी बाएं देखना दूर दीवार पे खोयी नज़र कुछ याद करने की कोशिश कभी मुह में पेन तो कभी…

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जीवन का गणित

मैं बच्ची हूं तो क्या हुआ अबोध हूं तो क्या हुआ मुझे भी घर के इस दुनिया के इस जीवन से जुड़े सारे काम सिखाओ आज कोई मेरी नहीं मैं सबकी तस्वीर खींचूंगी…

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