सरलता

मैं एक बादल का टुकड़ा मैं एक बर्फ का मुखड़ा सफेद संगमरमर सा तन है मेरा मन मेरा इतना सरल जैसे अभी अभी ब्याही हो कोई भोली सी बछिया यह दुनिया उसके लिए…

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जादू

देखो तुम्हें मैं एक जादू दिखाऊं जीवन में हर पल आंनद लेते हुए जीवन जीने की कला सिखाऊं बात हंसने की नहीं है न पर हंस दो दूसरे की आंख में जो आंसू…

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एक तितली सी

मैं सूरज की एक किरण फूल की एक पंखुरी कंचई नीले समुंदर सी गहरी मेरी आंखें सुनहरे घुंघराले बाल चमकीली सोन मछली सी मेरी चाल बाहें मेरी चंदन सी दमकती लब पे गुलाब…

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बढ़ रहा आकार

नीली नीली आँख तुम्हारी ॥ पीला कुर्ता सलवार ॥ आयी बसंत चली पुरवायी ॥ बदल गया व्यवहार ॥ अब तो नैना चंचल लगते ॥ हुमस रही है कलिय़ा ॥ होठ हंसी को संग…

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इस घर में कोई तो रहता हो

एक छोटा सा प्यारा सा घर सड़क से दिखता उसका एक दरवाजा एक खिड़की दरवाजे पे लटका ताला जालीदार ग्रिल वाली खिड़की पर कोई पर्दा नहीं बाहर से चौड़ाई कम है लेकिन अंदर…

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पत्र पेटी और आजकल का प्रेम

सड़क के किनारे खड़ी एक पत्र पेटी चलते फिरते राहगीरों से गुजारिश कर रही कि न जाने कितने बरसों से मैं यूं ही खाली पड़ी हूं किसी काम की नहीं बेकार खड़ी हूं…

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बचपन का सफर

दुख क्या होता है एक बच्चे ने पूछा सुख क्या होता है एक बच्ची ने पूछा हम बच्चों को या तो हंसना आता है या रोना सुबह सुबह जगना खेलना कूदना पढ़ना शरारतें…

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जिंदादिली

तुम्हारी राह जोहती मैं थपककर सेकू चूल्हे पे रोटी कच्चा मकान है पक रहा पकवान है जी भर कर खाना छक कर खाना खुश होकर खाना अपनी छोटी सी दुनिया की यह छोटी…

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