चाहत

मै कुछ कहना चाहता हूँ दिल मे दबी बातों को जुबा पे लाना चाहता हूँ। तुम जो हस्ती हो मुझे बहुत प्यारी लगती हो तुम्हारी आँखों पे लगा सुरमा तुम्हारी आँखों को और…

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सीखें

भारत के वीरों देश के लिए संघर्ष करना सीखें। अपना पावन धरती के लिए बलिदान करना सीखें। देश को आजाद कराने के लिए अनेकों वीर शहीद हुए। ऐसे वीर शहीदों का सम्मान करना…

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फ़ूल हो तुम खार मैं

फ़ूल हो तुम खार मैं, कितना अलग है। जीत हो तुम हार मैं, कितना अलग है। एक ही बूटे पे हम दोनों खिले हैं। प्यार तुम इन्कार मैं, कितना अलग है। साज़ तेरी…

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देश ये अखंड धरा

ये देश जरा ये अखंड धरा चमके चम-चम ये स्वर्ण ख़रा छूने के लिए इस मिट्टी को भूमि पर खुद रब उतरा रसधार लिए बहती सरिता बहे तेज़ तरंग गाती कविता सागर के…

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धर्म के वो कातिल थे

अपने वतन को जिसने किया था गुलाम, धर्म के वो कातिल थे। लहर गुलामी की थी चारों तरफ, नहीं साहिल थे। शहीद होकर आजादी को, कर गए हासिल थे। हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, हर मजहब के…

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हिन्दी उपन्यासों में आर्थिक विमर्श

मनुष्य की विचारधारा को अर्थ परिवर्तित तथा प्रभावित करता हैI वर्तमान पूँजीवादी व्यवस्था के कारण हमारे देश में पूँजीपति, जमींदार, नेता, वकील, ड्राक्टर, पटवारी, सरकारी कर्मचारी आदि जिसका जहाँ वश चलता है, वहाँ…

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नव वर्ष का विहान

सूर्य नभ से लेकर आए, नया एक स्वर्णिम विहान। नई उमंगो ने भरी उड़ान। लौटी कलियों की मुस्कान। लगता सब कुछ नूतन सा। नेह का मेघ हर उर में बरसा। मृत आशाएं हुई…

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प्रकृति संरक्षण

मौसम के इस शांत एकांत में, बचते छिपते चल दिए। नाक में मास्क लगाए, सांस बचाकर चल दिए। धूप बीच धुंध समाए, जगह जगह प्रदूषण फैलाये। प्रकृति पृथ्वी की बैचेनी को, सरकार भी…

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एक मोड़

रोना भी चाहें तो वो रोने भी नहीं देता वो शख़्स तो पलकें भी भिगोने नहीं देता वो रोज़ रूलाता है हमें ख्वाबों में आ कर सोना भी जो चाहें तो वो सोने…

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सबसे आगे

सोच रही हूँ मैं, इस नई सुबह पर, चंद लाइनें उपहार स्वरूप लिख दूँ, अनुभव पत्रिका तुम्हारे लिए। जो जीवन के धरातल पर, उतरी हो नई सुबह सी, पहली किरण की तरह, नई…

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खत एक फौजी का

माँ डरना नहीं मैं महफूज हूँ तेरा लाल बहादुर है सिर कटा लेगा मगर आँचल कभी तुम्हारा दाग होने नहीं देगा जिस तरह आपने बाबूजी के शहीद होने पर मुझे देश के लिए…

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बहुत याद आते हैं

जो मैं इन कदमों को ज़रा सा पीछे लेलूं तो बीते हुए कुछ सफर आज भी बहुत याद आते है। मैं उस गुजरे हुए कल को ज़रा टटोलूं तो कुछ गुजरी हुई हसीन…

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चलो घूम आयें

सर्दी का मौसम ये सर्द हवाएं सुबह-सुबह आओ चलो घूम आयें निकलता ये सूरज लगे प्यारा प्यारा झील का किनारा लगे न्यारा न्यारा ठण्डे पानी को आओ गरम कर आयें सर्दी का मौसम…

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मर्यादा

मर्यादा मे रहो, बंधन मे रहो, स्वभाव से नम्र रहो, संयम मे रहो, घुंघट मे छुपी रहो, लज्जा से भरपुर रहो, नजर झुकाकर रहो, हर दर्द को हंसकर सहो। जहर पीकर मीठा बोलो,…

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