सड़कें यूं उदास तो न थीं …!!

डगर - डगर कोरोना कहर पर खांटी खड़गपुरिया की चंद लाइनें .... सड़कें यूं उदास तो न थी ....!! तारकेश कुमार ओझा ---------------------------- अपनों से मिलने की ऐसी तड़प , विकट प्यास तो…

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माँ तुम हो…

माँ तुम हो.... माँ मेरे लिए केवल तुम हो. वर्ना मैं जैसे भीड़ में गुम हो. माँ तुमसे सुकून के साये में हूँ. सुरक्षित और आवृत^ छाहे^ में हूँ. (ढ़का हुआ,मौसम -ऋतु-छाया) माँ…

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माँ मुझे….

माँ मुझे हे माँ मैंने देखे हैं तेरी आँखों से झरते आँसू जो पिता के लड़खड़ाते क़दमों के दहलीज के भीतर आते ही भर आए थे तेरे नेत्रों में. और जिन्हें तूने समेट…

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तेरा चेहरा ज्यों गुलाब

कविता - गुलाब हमसे इतना भी क्या इताब^.(गुस्सा ) थोड़ा सा हटादो हिज़ाब^.(घूंघट) ज़ालिम तेरी जवानी, क़यामत तेरा शबाब. तेरा चेहरा है ज्यों गुलाब. मखमल सा जिस्म देखकर बदला है ये दोआब. मलमल…

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मदिरा सेवन

मदिरा सेवन मदिरा मदिरा सब करते हैं कोई भूखे को रोटी दिया? मदिरा - मदिरा सब करते हैं मां की आंसू न आने दिया?... मदिरा - मदिरा सब करते हैं भाई को भाई…

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इश्क़-ए-हाल

तुम्हें आज़ादी मुबारक मुझे हाल-ए-गम मुबारक हाल-ए-इश्क़ ने बेहाल कर दिया मुझे बहुत दिल ने परेशान कर दिया मुझे इश्क़ का डोज दिया उसने मैंने हल्का घुमारी ला दिया मुझे मोहब्बत का जुनून…

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ख्वाब का मोहब्बत

ग़ज़ल ख्वाबों के अंगड़ाई का हाल न पूछो दिनों में मिलने की बेबसी न पूछो हमरा हाल ए इश्क़ न हमसे पूछो मुस्कुरा के गुजारता हूँ हर एक क्षण तन्हाई में शामें, आहें…

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पतझड़

वसन्त में भी पतझड़ है तुम्हारे साथ के बिना| चाँदनी रात भी अमावस है प्रभात के बिना| तुम्हारे बिछोह में जिन्दगी सूनी है ऐसे, जैसे सूनी हो सावन बरसात के बिना|

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शहर वही है , नजारे बदल गए….!!

देश - दुनिया की विडंबना पर खांटी खड़गपुरिया की चंद लाइनें .... शहर वही है , नजारे बदल गए ....!! तारकेश कुमार ओझा ---------------------------- मेले वही है , बस इश्तेहारें बदल गए आसमां…

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मेरे अल्फाज

1 वे इश्क के खिलाड़ी हैं, तो हद से गुजर जाते क्यो नहीं?फासलो में क्या रखा है, अगर बुलाती है वो,तो जाते क्यों नहीं? 2ऐ जिंदगी तुझसे हारा नहीं हूँ मैं, थका हुआ…

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कोरोना के चक्कर में

उसने कहा क्या हुआ आपको आपका मूड गड़बड़ लग रहा है उसने कहा क्या हुआ आपको हमनें कहा कुछ नही क्या होगा मुझे उसने कहा क्या हुआ आपको हमनें कहा कुछ नही बातों…

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शून्य ( दिवंगत अभिनेताओं की याद में … )

सुनते आए हैं सदा से, टूटते हैं सितारे फ़लक से , और फिर नए बन जाते हैं । गिरता है फूल शाख़ से , और फिर नया फूल खिल जाता है। पेड़ों से…

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मजदूर दिवस के उपलक्ष्य पर

मजदूर हूँ मजदूर हूँ साहब तरह - तरह का काम करता हूँ भांति - भांति किस्म का काम करता हूँ कई प्रकारों से काम करता हूँ साहब! मैं खेत में काम करता हूँ…

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प्रेम रोगी

ऋषि कपूर को अश्रुपूर्ण नेत्रों से भावभीनी श्रद्धांजलि प्रेम नगर की प्रेम गली के प्रेम महल के प्रेम मन्दिर के प्रेम कुटीर में प्रेम रोग से ग्रसित एक प्रेमी जो प्रेम न्यौछावर करता…

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प्रेम का महत्व

ईश्वर की पूजा है प्रेम,दो दिलों को जोड़ता है प्रेम दिलों की ईर्ष्या को मिटा देता है प्रेम,शत्रु को भी मित्र बना देता है प्रेम,अगर यह प्रेम शब्द ना होता तो यह सारा…

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