Jai Ram Rai2018-02-25T19:25:20+00:00

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  • उलझन 2

      उलझन मुझे सुलझाने का ईनाम मिल गया। उससे बड़ा उलझा हुआ अब काम मिल... Read More »
  • लगता है।

    “मन पसन्द गजल :- जो हमको सबाब लगता है। आप को क्यूँ खराब लगता है।।... Read More »
  • रौशनी

    तरही गजल :1 इनके यहाँ इफरात उजाला पसर गया। वो शख्स रोशनी की तमन्ना में... Read More »
  • जर्द पत्ते

    तरही गजल :- हवा तो सिर्फ एक बहाना था। जर्द पत्तों को गिर ही जाना... Read More »
  • कल और आजकल

    उनवान ‘ आजकल, पर एक गजल:- कल से मिलिए आजकल को जानने के वास्ते। आने... Read More »
  • पड़ाव

    तरही गजल :- देखा नहीं है आप को अरसा गुजर गया।। दीदार की खातिर भी... Read More »
  • आजकल

    उनवान ‘ आजकल, पर एक गजल:- कल से मिलिए आजकल को जानने के वास्ते। आने... Read More »
  • आइना

    गिरहबन्द गजल प्रस्तुत है :- कुछ हवा का भी रुख जानना चाहिए।। रूबरू वक्त का... Read More »
  • शख्सियत

    बेवजह, बेफजूल और बेकार नहीं है। वो शख्स जिससे मेरा सरोकार नहीं है।। दुनियाँ में... Read More »
  • गुबार

      दिल की बातों का भला ऐतबार कौन करे। जो नासमझ है उसे समझदार कौन... Read More »

 

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