Maneesh bhatt Mannu 2018-01-14T15:26:11+00:00

Maneesh bhatt Mannu

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  • फ़लसफ़ा

    फलसफा.. आँसू  आ के भी मेरी पलकों पे ही रह जाता है, मैं थोड़ा अपनी... Read More »
  • तेरे बिन

    हमदम तेरे बिन ये दिन -रात काटना बहुत मुश्किल है, सच कहू तो अकेले मेरे... Read More »
  • आदत से मजबूर

    सभी को शायद ये लगे कि समाज बुरा और बुरा होता जा रहा है पर... Read More »
  • रुको

    रुको कुछ और पल,कुछ प्यास बाँकी है, दो कुछ और जख़्म,कुछ जीने की आस बाँकी... Read More »