vandana 2018-01-14T15:26:11+00:00

vandana

Posts

  • हमसाया

    तू कर ले कोशिश जो दूर जाने की पास आने की राह ढूंढ जाऊँगी तू... Read More »
  • मेरे आत्मज

    मैं आत्मजा   तेरे ही हूँ मैं पाती हूँ तुझ से आकार लिया तेरे जीवन... Read More »
  • रावण

    हे सीता अभिमान न कर रावण को तूने झुका दिया अपनी अस्मिता की रक्षा में... Read More »
  • किलों का दौर

    सभी बनाते हैं अपना एक किला…..। मजबूत दीवारों से जो विपरीत परिस्थितयों का डटकर सामना... Read More »
  • पहचान

    कभी कोशिश तो करो खुद को टटोलने को कुछ नया जानने को स्व को तलाशने... Read More »
  • प्रेमजाल

    प्रेम की इस आग में देखो वन वन भटके अवध बिहारी हर पल कैसे राह... Read More »
  • सपनों की मरीचिका

    है दूर तक फैली हुयी स्वपन मरीचिका कि एक जाल है जितने भी करू कोशिश... Read More »
  • जिंदगी

    अपने लगाए आग में सुलगती हुयी सी है लगे उलझनों के दौर में अभिशाप सी... Read More »
  • पुन:मिलन की पुकार

    राधा की सुनी आँखों ने , फिर से तुम्हे पुकारा है। हे द्वारिकाधीश सुनो ,... Read More »
  • विचित्र प्रश्न

    जो जले हो आग में तो उसको बुझाया जाए, क्रोधाग्नी में जो जले उसे कैसे... Read More »

 

रचना साझा करें
  • 10
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    10
    Shares