कुछ पढने को दो…2018-02-11T17:10:39+05:30

उसकी ज़िंदगी थी अनूपा

By |October 24th, 2018|Categories: लघुकथा|Tags: , , |

एक दिन अनूपा बस स्टॉप पर नहीं आयी। जहान्वी को अकेले ही जाना पड़ा। शाम को जाह्नवी ने अनूपा की मौसी के घर जाकर पूछा

बूढ़ी काकी

By |September 6th, 2015|Categories: कहानी|

बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। बूढ़ी काकी में जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष [...]