कुछ पढने को दो… 2018-02-11T17:10:39+00:00

मन की मस्ती

By | July 11th, 2017|Categories: कविता|

मेरा आंचल है उड़े गिर गिर यूहीं पड़े चांद होले से हंसे मुस्कराता है यूहीं वादियों में गए [...]

तिरछी नज़रो से ना देखो दिल मचल जाएगा

By | February 24th, 2016|Categories: कविता|

तिरछी नज़रो से ना देखो दिल मचल जाएगा छुप छुप के ना देखो प्यार हो जाएगा   हम भी तुम को दिल ही दिल में मुदत्त से चाहते हैं शिदत्त से अपना बनाना चाहते हैं   हमारे प्यार की इबादत रंग लाएगी तुम्हारी निगाहो हम पर ही ठहर जाएंगी   अजनबियों से नहीं मिलेंगे अब मचलते दिलो की सारी बाते कहेंगे अब   तिरछी नज़रो को सीधा करलो अब अपनी बांहो  में समां जाने दो बस भरलो   दोनों की हसरत पूरी हो जाएगी चारो तरफ़ बहार छा जाएगी [...]

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