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तुम तूफान समझ पाओगे?

By | 2018-02-11T17:01:25+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , , |

तुम तूफान समझ पाओगे? गीले बादल, पीले रजकण, सूखे पत्ते, रूखे तृण घन ले कर चलता करता 'हरहर' - [...]