मेरी याद

यह सुनकर दुकानदार के बेटे को हंसी आ गयी, उसने किसी तरह अपनी हंसी को रोका और व्यंग्यात्मक स्वर में पूछा, “आपकी फोटो अख़बार में कहाँ छपेगी?”

उठते रहे जनाजे वीरों के टोलियों से

सोते रहे हमेशा है कमान जिनके हांथो हालात सरहदों के न हमे सोने देते बंधा है बेड़ियों ने मजबूर हम …