लब कह न सके

लब कह न सके जो हाल सखी आँखों ने वो हाल बयाँ कर दी, रह गई कसर जो कहीं कोई अश्कों ने कसर पूरी कर दी। कपाट उस हिय के बंद रहे खुशियों…

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