हमारा खून

वे जमीन लुट रहे है घर से बेदखल कर रहे है कह रहे है ——- इसका नाम ही विकास वे जंगल और पहाड़ों से खदेड़ रहे है वैसे बन्जार देशों में जाहाँ खेती…

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