आस्था

Home » आस्था

निराशामयी मंज़र में अपनी ही आस्था पर सवाल

By | 2018-03-17T21:48:12+00:00 March 17th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |

कितना बेबस सा हो जाता है उस वक़्त इंसान जब वो चाहता कुछ और हा मिलता कुछ और है [...]