मैं डरती हूँ

कभी यूँ ही रिश्ते बन जाने से, तो कभी यूँ ही उनके टूट कर बिखर जाने से, कभी अचानक किसी के आ जाने से, तो कभी किसी के दूर चले जाने से, मैं डरती हूँ

Continue Reading

शीला और पढ़ाई

यह एक काल्पनिक कहानी है। कहानी के पात्र भी काल्पनिक है।। एक समय की बात है हम एक कस्बे में रहते थे हमारे मकान के सामने एक मकान बनना शुरू हो गया वहां…

Continue Reading

प्रेम

प्रेम जब अपने चरम पर आकर ठहरता है, तो इंसान बदला- बदला- सा नजर आता है॥ अंतस का कोना- कोना, प्रेम संतृप्तता से भरा होता है, वक्त का हर एक लम्हा, खुशनुमा एहसास…

Continue Reading
Close Menu