वेलेंटाइन एक अभिशाप

“14 फ़रवरी 1931 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने वायसराय को टेलीग्राम किया और अपील की कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को दी गई फांसी की सज़ा को उम्रक़ैद की सज़ा में बदल दिया जाए।” लेकिन

शायरी (व्यंग्य)

कौन कहता है कि दर्पण झूठ नहीं बोलते , मैंने लाख गम छिपाये थे फिर भी चेहरे पर हंसी दिखाया …