ज़िद और अदब

वो तेरी तरसी निगाहों का, वो हर बार का उलाहना । और धक् से मेरी धड़कन का, यूँ आने से रुक जाना ।। पास आने की तेरी शिद्दत का मुझे झूठ-मूठ सताना ।।…

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