बहुत तेज तेरा एंटीना

बहुत तेज तेरा एंटीना, आसां कर दे सबका जीना। काम न कोई तुझको भाय, नित दिन कैसे करे उपाय। काम से पीछा छुटे कैसे, बिल्ली काटे दरवाजा जैसे। नहीं समय पर तुम आते…

Continue Reading बहुत तेज तेरा एंटीना

एक साल एक सदी सा

ऑफिस की घड़ी में छह बजने को आये थे। इस वक़्त ऑफिस से ज्यादा वहाँ के रिसेप्शन पे हलचल होती थी, सब एक एक करके घर जो जाने लगे थे पर आज रिसेप्शन…

Continue Reading एक साल एक सदी सा

ऑफिस ऑफिस

एक फोकटिया लेखक और मास्टर ये लोग बहुत ही ख़तरनाक होते हैं क्यूंकि दोनों अगर किसी पे अगर पिनक जाएँ तो एक अदना सी दिखती कलम से बहुतों का जीना मुहाल कर सकते…

Continue Reading ऑफिस ऑफिस