जो समय के साथ नहीं चलता

आज मनुष्य चाँद पर पहुंच चुका है
पर वह अब तक किस्मत को देख रहा है
बाद में उसके हाथ कुछ भी नहीं आता

पढ़ी -लिखी बहु

बहु रोते हुए अपने कमरे में चली जाती है ,उसे सास -ससुर के अपशब्द बोलने का इतना दुःख नहीं ,जितना दुःख अपने पति की ख़ामोशी का है ,क्यों