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खुशी Archives - हिन्दी लेखक डॉट कॉम

भिखारी कौन

ट्रैन आने वाली है। राम्या सीधे टिकट खिड़की पर पहुँचती है। भैया जयपुर का टिकट कितने का है। दो सौ पांच सामने से आवाज आई। एक मिनिट राम्या ये कहकर अपने बैग से अपना पर्स निकालने को बैग खोलती है। लेकिन पर्स वहाँ नहीं मिलता। शायद कपड़ो के नीचे दब गया होगा, राम्या ने अपने मन में सोचते हुए वहाँ टटोला। जब वहाँ भी नही मिला तो उसने पूरा बैग छान मारा।अब उसके होश फाख्ता हो गए। पर्स चोरी हो गया था।

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प्रकृति में खुशी महसूस करें

आप और हम खुश क्यों नहीं रह पाते, प्रकृति तो हर रोज़ तुम्हें खुश करने के नाजाने कितने प्रयास करती है। इसे महसूस करने के लिए हमें स्वयं को भी प्रयास करना होगा,…

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बच्चें

वो आये लेकर किलकारी खुशिया बरसी ऐसे जैसे बरखा जारी, सब के चेहरे देख दमक गये भरने बाहो मे सब उन्हें धमक गये, कहते हे बच्चे होते घर की शान हे होते बच्चे…

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मृगतृष्णा

मृगतृष्णा छोटे -छोटे पाँव ले जन्मा ले छोटे -छोटे हाथ ।। छोटे-छोटे कदमों से ही आंगन था लेता माप ।। निर्भरता लगी चुभने फिर रोक-टोक नहीं जंचती थी। चंचल मन की मर्जी थी…

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उलझन

आज सुबह से ही नीलम परेशान थी ।हालांकि आज तो उसे खुश होना चाहिए था क्योंकि आज ही उसने नौकरी ज्वाइन किया था। लंच में एक शिक्षिका ने अलग ले जाकर उससे पूछ…

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कश्ती

कश्ती परिवार एक कश्ती उस पर सवार सब माँझी है रिश्तो का ताना बाना है जिंदगी  खुशी किनारा तो गम लहरें है जैसे समुद्र या नदी जब होती है शांत तो सब स्थिर…

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ऐसा दिल चाहिए

ऐसा दिल चाहिए ज़िन्दगी में खुशी मिले तो क्या चाहिए खुशी बांटने वाला हमदम मिले तो क्या चाहिए हों बहुत प्यार करने वाले तो क्या चाहिए ये दिन प्रतिदिन बढ़ कर मिले तो…

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