डिजिटल भी और सिंगल भी

पबजी गेम में उसकी शिकारी निगाहें दुश्मनों को बड़ी मुश्तैदी से साफ कर रहीं थी। तकरीबन आधे घंटे की मशक्कत के बाद वो जोर जोर से चिल्लाने लगा। हुर्रे, हुर्रे, हिप हिप हुर्रे।…

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गांव हो गया बूढ़ा और अकेला

गांव बूढ़ा हो चला है गांव और उसकी मिटटी बहुत प्यारी होती है अधिकांश अन्न वहीं पैदा होता है हमारे लिए हमारे लिए वो गांव और वंहा का किसान पिछड़ा है जो दिन…

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गाँव की बेहतर होती जीवनशैली

आजकल के गाँव पहले जैसे नहीं रहे हैं। उनमें भी शहरीकरण जैसा परिवर्तन हो रहा है। भारत के ज़्यादातर गाँवों में बिजली,पानी,इंटरनेट आदि सभी सुविधाएँ पहुँच गई हैं क्योंकि शिक्षा का स्तर निरंतर…

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मेरा गांव

मेरा  गांव तेरे  शहर से  अच्छा है। इस्लाम  चाचा हों, या  भूरी काकी, जानता मुझको  बच्चा  बच्चा है। घर भले ही  गारे  मिट्टी के कच्चे हों, लेकिन  दिल उनका  सच्चा है।

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यादों के पटल से ‘मेरी दादी’ (संस्मरण)

संस्मरण यादों के पटल से 'मेरी दादी' आज की विधा है संस्मरण यह जानकर मेरे मानसपटल पर सर्वप्रथम जो पहली और प्रभावशाली छवि अंकित हुई वो मेरी दादी जी की है। मैं अपनी…

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दुःख होता है

चन्द्र मोहन किस्कु दुःख होता है *********** यह धरती यह सुन्दर धरती दो भागों में बांटा हुआ है। तुम जिस भाग में रहते हो जो तंग और अंध गली में रहते हो इस…

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समय का फेर

आज सालों बाद पैतृक गाँव आना हो पाया,विदेश में जन्मे बढे बच्चों को अपनी जमीन से जो मिलाना था।लंबरदार की हवेली पर नजर पडते ही पल भर में अपना सारा बचपन चित्रपट की…

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बहुत याद आती है

राजा रानी ओर परियो की बिखरे मोती ओर लडियो की कहती थीं जो एक कहानी मेरी दादी नानी वो मेरे मन मस्तिष्क पर छाती है बहुत याद आती है,बहुत याद आती है ........…

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